सम्राट कैबिनेट में मंगल पांडे को नहीं मिली जगह, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Reena Sharma
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बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कैबिनेट का विस्तार हो गया है। गुरुवार को गांधी मैदान में 32 नए मंत्रियों ने शपथ ली। हालांकि, इनमें भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे कका नाम शामिल नहीं है। कई सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और पार्टी के संगठन में ‘संकटमोचक’ माने जाने वाले मंगल पांडे को मंत्रिमंडल में जगह ना मिलना लोगों को हैरान कर रहा है।

सम्राट मंत्रिमंडल में क्यों नहीं मिला मौका?

बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता मंगल पांडेय को सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार में जगह नहीं मिल सकी। बीजेपी ने उन्हें इस बार मंत्री नहीं बनाया है जबकि इससे पहले वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जैसा विभाग संभाल रहे थे। मंगल पांडेय 2017 से लेकर 2022 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे। मंगल पांडेय 2024 से लेकर 2025 तक दूसरी बार मंत्री बने। इस बार स्वास्थ्य मंत्री और कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। साल 2025 में जब एनडीए की सरकार बनी तो फिर से मंत्री बने और उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा मिला, लेकिन सम्राट चौधरी के अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी।

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सरकार के बजाय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी की तैयारी?

मंगल पांडे को मंत्रिमंडल से बाहर रखने को लेकर ये माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें अब सरकार के बजाय संगठन में किसी बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार कर रही है। दअरसल, भाजपा में यह परंपरा रही है कि कद्दावर नेताओं को अक्सर सरकार से हटाकर संगठन के उन जटिल कार्यों में लगाया जाता है, जहां अनुभव की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी आने वाले दिनों में उन्हें दिल्ली की राजनीति में क्या भूमिका सौंपती है।

पहले भी निभा चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी

बता दें कि मंगल पांडे न केवल बिहार भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं, बल्कि हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में प्रभारी के तौर पर भी उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की है। अब जब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब भाजपा 2029 के लोकसभा चुनाव और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना बना रही है। वहीं, चर्चा यह भी है कि संभव है कि उन्हें राष्ट्रीय महासचिव या किसी बड़े राज्य का चुनाव प्रभारी बनाकर भेजा जाए।

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