प्रशांत किशोर से क्यों नाराज है भरत तिवारी का परिवार? मानहानी का केस करने की दी चेतावनी

Neelam
By Neelam
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बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर की मुश्किल बढ़ती दिख रही है। भरत तिवारी के परिवार ने जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पर केस करने की चेतावनी दी है। भरत तिवारी के परिवार ने प्रशांत किशोर के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि भरत तिवारी के परिवार को सम्राट सरकार ने 50 लाख रुपये दिए हैं। भरत तिवारी के परिवार का कहना है कि प्रशांत किशोर अपने दावों का सबूत दिखाएं नहीं तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।

प्रशांत किशोर पर अफवाह फैलाने का आरोप

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि उनके परिवार के बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। प्रशांत किशोर पढ़े-लिखे होने के बावजूद गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। अगर उनका बेटा आज जीवित होता तो किसी की हिम्मत नहीं होती कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाए जाएं।

15 दिन का अल्टीमेटम

भरत तिवारी की मां ने मांग की कि 15 दिनों के भीतर इस बात की जांच कराई जाए कि उनके परिवार को 50 लाख रुपये मिले हैं या नहीं। अगर यह दावा गलत साबित हुआ तो वे प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगी।

चार करोड़ की पेशकश का दावा

आशा देवी ने दावा किया कि बेटे को चार करोड़ रुपये की सहायता की पेशकश की गई थी, लेकिन परिवार ने चार करोड़ नहीं लिए थे। जब परिवार ने चार करोड़ रुपये नहीं लिए, तो 50 लाख रुपये लेने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि अब उनके परिवार पर पैसे लेने का आरोप लगाना पूरी तरह गलत और निराधार है।

मामले को दबाने के लिए मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही-चंदन तिवारी

भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने भी प्रशांत किशोर के आरोपों को सिरे से खारिज किया।उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस पूरे मामले को दबाने के लिए मनगढ़ंत बातें फैला रहे हैं और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका परिवार किसी की राजनीतिक लड़ाई में हस्तक्षेप नहीं कर रहा, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उनके परिवार और उनके भाई की शहादत को निशाना बनाया जा रहा है।

सीएम सम्राट चौधरी से मिल चुका है परिवार

बता दें कि भरत तिवारी की मां और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। आशा देवी ने कहा कि सम्राट चौधरी से मुलाकात का उद्देश्य किसी प्रकार की आर्थिक सहायता लेना नहीं था, बल्कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मामले में कुछ सकारात्मक पहल हुई, जिसमें जगदीशपुर के एसडीएम को हटाया गया और आरोपी अक्षय कुमार की गिरफ्तारी हुई।

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