डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भाजपा नेता के घर पर बमबारी और गोलीबारी करने का मुख्य आरोपी, तृणमूल कांग्रेस नेता शमीम अहमद उर्फ बरे आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के ठीक बाद सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर फरार चल रहे शमीम को पुलिस ने मुंबई के देवनार इलाके से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही बंगाल की राजनीति और अपराध के गठजोड़ की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के 3 सबसे बड़े पहलू
1.मुंबई में लोकेशन ट्रेस, ज्वाइंट ऑपरेशन में दबोचे गए तीन आरोपी
हावड़ा सिटी पुलिस और शिवपुर थाने की टीम को खुफिया इनपुट मिला था कि आरोपी बंगाल से दूर महाराष्ट्र में छिपे हैं। इसके बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया गया।
ठिकाना: मुंबई के देवनार स्थित एकता SRA इमारत की 8वीं मंजिल का एक फ्लैट।
गिरफ्तारी: पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी शमीम अहमद (40) के साथ उसके दो सहयोगियों जमील अख्तर अली (43) और आफताब अनवर खुर्शीद अनवर (44) को दबोच लिया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाया गया है।
2. ‘डॉन’ की आलीशान जिंदगी: घर के नीचे मिला था फाइव-स्टार तहखाना
यह मामला तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया था, जब 12 मई को पुलिस शमीम के शिवपुर स्थित चार मंजिला मकान पर छापेमारी करने पहुंची थी। वहां का नजारा देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।
घर के अंदर था ‘सीक्रेट बंकर’: शमीम ने अपने घर के नीचे एक आलीशान और गुप्त तहखाना बना रखा था। यह कोई साधारण तहखाना नहीं था, बल्कि किसी फाइव-स्टार होटल जैसा था। इसमें मॉडर्न किचन, लग्जरी बेडरूम, ड्राइंग रूम, महंगे फर्नीचर्स, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों का पूरा नेटवर्क लगा हुआ था।
3. रामनवमी हिंसा से लेकर BJP नेता पर हमले तक: पुराना है विवादों का नाता
स्थानीय स्तर पर ‘डॉन’ के नाम से मशहूर शमीम अहमद का विवादों और अपराध से पुराना नाता है। वह स्थानीय टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री अरूप राय का बेहद करीबी माना जाता है। आरोप है कि चुनावी नतीजों के बाद शमीम ने करीब 150 लोगों की भीड़ के साथ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सिकंदर खान के घर पर धावा बोला था। इस दौरान अंधाधुंध फायरिंग और बमबाजी की गई, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
NIA का शिकंजा: तीन साल पहले शिवपुर में रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए हमले और पुलिस स्टेशन पर पथराव के मामले में एनआईए ने शमीम को गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय तक जेल में था और कुछ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था।

