वर्षों से बिजली संकट और गंदे पानी की समस्या झेल रहे हरिणा बस्ती के ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार शनिवार को सड़कों पर फूट पड़ा। लगातार शिकायतों और गुहार के बावजूद जब प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए हरिणा कॉलोनी के मुख्य द्वार पर चक्का जाम कर दिया। सुबह से ही ग्रामीणों ने कॉलोनी की घेराबंदी कर सभी मुख्य रास्तों को बंद कर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू कर दिया।
विधायक और सांसद प्रतिनिधि पहुंचे, आंदोलन को मिला समर्थन
ग्रामीणों के आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब बाघमारा विधायक शत्रुधन महतो और सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी मौके पर पहुंचे। दोनों ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और आंदोलन को समर्थन दिया।
“हमारी जमीन पर कॉलोनी, लेकिन हम अंधेरे में”
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जिस हरिणा कॉलोनी का निर्माण हुआ है, वह उनकी पुश्तैनी रैयती जमीन पर बनी है। इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से बिजली की समस्या को लेकर आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है।
खेतों में बह रहा गंदा पानी, बीमारी का बढ़ा खतरा
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलोनी का गटर और नाली का गंदा पानी सीधे उनके खेतों में छोड़ा जा रहा है। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और आसपास रहने वाले लोग बदबू व बीमारियों के खतरे के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि प्रबंधन पूरी तरह मनमानी पर उतारू है और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
“आश्वासन नहीं, अब समाधान चाहिए”
आक्रोशित ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे वर्षों से सिर्फ झूठे आश्वासन सुनते आ रहे हैं। अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक बिजली संकट का स्थायी समाधान नहीं किया जाता और गंदे पानी की निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्य द्वार पर भारी भीड़, पुलिस और CISF तैनात
चक्का जाम की सूचना मिलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई। मौके पर पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की टीम पहुंच चुकी है। वहीं, स्थिति को संभालने और आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रबंधन की ओर से भी वार्ता शुरू कर दी गई है। फिलहाल हरिणा कॉलोनी के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा हुआ है और पूरे इलाके में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित माहौल बना हुआ

