बेतला, कुटमू, छिपादोहर और बरवाडीह रेंज में खुलेआम वन कानून की उड़ रही धज्जियां
पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) क्षेत्र में बीड़ी पत्ता का अवैध कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है। सुरक्षित वन क्षेत्र घोषित होने के बावजूद जंगलों में बड़े पैमाने पर बीड़ी पत्ता की अवैध तुड़ाई जारी है। हालात ऐसे हैं कि कुमंडीह, कुटमू, छिपादोहर, बरवाडीह और बेतला रेंज के दर्जनों गांवों में खुलेआम अवैध खलिहान बनाकर पत्ता जमा किया जा रहा है।
इस अवैध कारोबार से जहां पीटीआर का संवेदनशील इको सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं सरकार को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
कई इलाकों में अवैध खलिहान संचालित
सूत्रों के अनुसार कुमंडीह पंचायत के शिवचरण टोला, महुआडांड प्रखंड के कुटमू, गारू प्रखंड के छिपादोहर, लातेहार सदर के बेतला रेंज और बरवाडीह के लाटू, मंडल व केचकी इलाके में अवैध तुड़ाई चरम पर है। इसके अलावा गारू, बरवाडीह और महुआडांड के अक्सी क्षेत्र में भी नए खलिहान बनाए जाने की सूचना है।
गांवों के आसपास खाली जमीन पर बड़े-बड़े खलिहान तैयार किए गए हैं, जहां मजदूरों से तुड़वाया गया बीड़ी पत्ता जमा किया जा रहा है।
युवकों को मुंशी बनाकर चल रहा नेटवर्क
बताया जा रहा है कि तस्कर स्थानीय युवकों को 300 से 400 रुपये प्रतिदिन का लालच देकर मुंशी बना रहे हैं। ये मुंशी जंगलों से मजदूरों द्वारा तोड़े गए पत्तों को इकट्ठा कर सीधे खलिहानों तक पहुंचाते हैं।
रात के अंधेरे में बिना नंबर वाले ट्रकों के जरिए यह बीड़ी पत्ता बिहार के गया और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया तक भेजा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस अवैध कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
पीटीआर क्षेत्र में बीड़ी पत्ता तोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित
वन विभाग के नियमों के अनुसार सामान्य जंगलों में बीड़ी पत्ता तुड़ाई के लिए वन निगम द्वारा नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले संवेदक को ठेका दिया जाता है और मजदूरों को सरकारी दर के अनुसार भुगतान किया जाता है।
लेकिन पलामू टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित वन क्षेत्र में बीड़ी पत्ता तोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां किसी प्रकार का टेंडर जारी नहीं किया जाता। इसके बावजूद वर्षों से अवैध तुड़ाई का खेल जारी है।
“पीटीआर एरिया में बीड़ी पत्ता तोड़ना अपराध” : डिप्टी डायरेक्टर
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत ने कहा कि पीटीआर क्षेत्र में बीड़ी पत्ता तोड़ना पूरी तरह अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी और जहां भी अवैध खलिहान पाए जाएंगे, उन्हें जब्त कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
दशकों से चल रहा अवैध कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीटीआर क्षेत्र में बीड़ी पत्ता का अवैध खेल दशकों से जारी है। पहले इस कारोबार में नक्सलियों द्वारा लेवी वसूली की बात सामने आती थी, जबकि अब तस्करों का संगठित सिंडिकेट सक्रिय बताया जा रहा है।
करोड़ों के कारोबार के बावजूद तेंदू पत्ता तोड़ने वाले मजदूर आज भी आर्थिक तंगी में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि बेतला, कुटमू, बरवाडीह और छिपादोहर रेंज में विशेष टास्क फोर्स बनाकर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाए।
साथ ही ग्रामीणों ने वैध तुड़ाई वाले क्षेत्रों में मजदूरी दर 2.50 रुपये प्रति गड्डी से बढ़ाकर 3.50 रुपये करने की मांग भी उठाई है, ताकि मजदूर अवैध कारोबार से दूर रह सकें।

