तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था। पुलिस ने मामले की जांच के तहत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने किया हमला
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने हमला बोल दिया था। अंडे, पत्थर और चप्पलें उन पर बरसाई गईं। शर्ट फाड़ दी गई, छाती पर मुक्के मारे गए और चश्मा तक तोड़ दिया गया। इस दौरान भीड़ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाती रही। अभिषेक को बचने के लिए हेलमेट पहनना पड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर किसी तरह एक मकान तक पहुंचाया, जहां वे एक घंटे से ज्यादा फंसे रहे। पुलिस की गैरमौजूदगी में यह हमला करीब 10 मिनट तक चलता रहा। बाद में केंद्रीय बल और स्थानीय पुलिस पहुंची और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना से जुड़े वीडियो में दिखे लोगों में पांच गिरफ्तार
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तपन माइती और आकाश भी शामिल हैं, जिन्हें घटना से जुड़े वीडियो में कथित तौर पर देखा गया था। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और पांचों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
‘मर सकते थे अभिषेक बनर्जी’- ममता बनर्जी
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक पर हुए हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे बताया गया है कि अगर उनके सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो उनकी मौत हो सकती थी।” उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाजी और मारपीट हमले के कारण अभिषेक को सीने और पसलियों में चोटें आईं। आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा उपचार मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा का आरोपों से इनकार
भाजपा ने इस घटना में संलिप्तता से स्पष्ट इनकार किया। बंगाल के पार्टी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं, उन्होंने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस के प्रति जनता की गहरी असंतोष को दर्शाता है। उन्होंने तृणमूल के राजनीतिक हिंसा के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं पर हुए कथित हमले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ”मैं सभी राजनीतिक दलों से बंगाल की राजनीतिक संस्कृति को बदलने का आग्रह करता हूं।”

