स्कूलों में खुलते ही बंटेंगी किताबें, कस्तूरबा विद्यालयों का महीने में दो बार होगा औचक निरीक्षण: उपायुक्त

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने, बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने और विभागीय योजनाओं को समय पर पूरा करने को लेकर कई कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में मुख्य रूप से बच्चों के नामांकन, कस्तूरबा विद्यालयों की सुरक्षा व व्यवस्था, और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।

15 जून से विशेष अभियान: दिव्यांग बच्चों का होगा शत-प्रतिशत नामांकन
​उपायुक्त ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN – दिव्यांग बच्चों) की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अभियान की अवधि: 15 जून से 24 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
लक्ष्य: छूटे हुए सभी दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनका स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना।

कस्तूरबा विद्यालयों का होगा औचक निरीक्षण
​छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। अब जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का महीने में दो बार औचक निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारी बिना बताए स्कूलों में पहुंचेंगे और वहां की बुनियादी सुविधाओं, छात्राओं की उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर की जांच कर कमियों को तुरंत दूर करेंगे।

स्कूल खुलते ही मिलेंगी किताबें, कैंप लगाकर बनेंगे जरूरी दस्तावेज
मुफ्त पाठ्यपुस्तक वितरण: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त हो चुकी किताबों को ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियों) के बाद स्कूल खुलते ही बच्चों के बीच बांटने का निर्देश दिया गया है।
कैंप मोड में काम: स्कूली बच्चों का आधार कार्ड, बैंक खाता और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए स्कूलों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से न छूटे।
यू-डायस डाटा: सभी शैक्षणिक आंकड़ों को समय पर और पूरी शुद्धता के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

​’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान: हर स्कूल को मिला पौधरोपण का लक्ष्य
​पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 05 जून से 30 सितम्बर तक चलने वाले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में स्कूलों की सक्रिय भागीदारी तय की गई है। इसके तहत बच्चों को जागरूक किया जाएगा और स्कूलों के परिसर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण होगा। विभागीय समीक्षा के बाद सभी श्रेणी के स्कूलों के लिए पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है।

प्राथमिक विद्यालय: प्रति स्कूल 50 पौधे लगाने का लक्ष्य।
माध्यमिक विद्यालय : प्रति स्कूल 75 पौधे लगाने का लक्ष्य।
उच्च विद्यालय : प्रति स्कूल 100 पौधे लगाने का लक्ष्य।
उपायुक्त का संदेश: विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और आंकड़ों की गुणवत्ता से ही हम जिले के सरकारी स्कूलों को बेहतर और बच्चों के अनुकूल बना सकते हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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