डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के खनन इतिहास और पूर्वी सिंहभूम के लिए मंगलवार का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। देश को तांबा (कॉपर) उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स के तहत पिछले 15 वर्षों से बंद पड़ी केंदाडीह खदान का पुनः संचालन शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने विधिवत रूप से इस माइंस के पुन: संचालन कार्य का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने मुसाबनी सांद्र (कंसंट्रेटर) संयंत्र की क्षमता को 0.4 MTPA से बढ़ाकर 0.9 MTPA करने की परियोजना का शिलांयास भी किया।
खबर के मुख्य बिंदु
15 साल का इंतजार खत्म: घाटशिला क्षेत्र में बंद पड़ी केंदाडीह माइंस में डेढ़ दशक बाद फिर से खनन कार्य शुरू हुआ।
बढ़ेगी क्षमता: मुसाबनी कंसंट्रेटर प्लांट की क्षमता को दोगुने से भी ज्यादा (0.4 से 0.9 MTPA) किया जाएगा।
रोजगार और विकास: बंद खदानें खुलने से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अयोध्या राम मंदिर में योगदान: HCL ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 32 टन तांबा उपलब्ध कराया है।
चरणबद्ध तरीके से खुलेंगी घाटशिला की सभी बंद खदानें
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने स्थानीय लोगों को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने कहा कि घाटशिला क्षेत्र में बंद पड़ी HCL की सभी खदानों को जल्द ही खोला जाएगा। धोबनी, पाथरगोड़ा, राखा और चापड़ी सहित कई खदानों के पुनरुद्धार की दिशा में काम शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार झारखंड के विकास से जुड़े हर मुद्दे पर राज्य को पूरा सहयोग दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा, ऊर्जा और खनिज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। अब भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है क्योंकि झारखंड तांबा और लिथियम जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है।
राम मंदिर निर्माण में HCL का ऐतिहासिक योगदान
केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एक बेहद खास जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण में HCL ने 32 टन तांबा डोनेट किया है। मंदिर की संरचना को मजबूती देने के लिए इसमें लगभग 700 तांबे की छड़ें और 800 तांबे की जालियां लगाई गई हैं, जो सदियों तक मंदिर को सुरक्षित और टिकाऊ रखेंगी।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई दिग्गज
इस ऐतिहासिक मौके पर क्षेत्र के कई बड़े जनप्रतिनिधि और अधिकारी गवाह बने। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, घाटशिला के विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, HCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

