तीन महीने से चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध अब खत्म होने के कगार पर है। युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता अब बेहद करीब बताया जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया दिनों में होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म होने का ऐलान किया है।
ट्रंप ने कहा- दोनों देश समझौते पर सहमत
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है क्योंकि दोनों देश समझौते पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि जल्दी ही इस समझौते पर दस्तखत किए अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता पश्चिम एशिया में लंबे समय की शांति सुनिश्चित कर सकता है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
क्या है प्रस्तावित समझौते में?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत से जुड़े विभिन्न सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा और इसके बदले अमेरिका ईरान की फ्रीज हुई अरबों डॉलर की संपत्ति रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। साथ ही ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में भी राहत दी जा सकती है।
ईरान खत्म करेगा परमाणु कार्यक्रम?
हालांकि, अमेरिकी अधिकारी का दावा है कि यह समझौता अंततः ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की दिशा में जाएगा। इसके तहत उच्च स्तर पर एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को नष्ट या हटाने और निरीक्षण व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। लेकिन अरागची ने साफ कर दिया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि ईरान की पसंदीदा व्यवस्था केवल यूरेनियम को कम समृद्ध स्तर पर लाना है, पूरी तरह खत्म करना नहीं।
समझौते पर तत्काल वित्तीय लाभ नहीं
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान को समझौते पर हस्ताक्षर के समय किसी भी प्रकार का तत्काल वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। अधिकारी के अनुसार, आर्थिक राहत केवल तभी प्रदान की जाएगी जब ईरान अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। इसमें परमाणु सामग्री सौंपने पर आर्थिक लाभ, परमाणु सुविधाओं को बंद करने पर अतिरिक्त राहत और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता में योगदान देने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन शामिल होंगे।

