जून का आधा महीना गुजरने को है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून अभी तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। हालांकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में आंधी, धूलभरी हवाएं और गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार और झारखंड के कई जिलों में बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर भारत में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय के कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश के कारण जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
वहीं राजस्थान में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में तेज आंधी और धूलभरी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम सक्रिय रहेगा। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में लू का असर अभी भी बना रह सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है।

