डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली को सुधारने और फाइलों की पेंडिंग रफ्तार को गति देने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन अचानक एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने गोलमुरी-सह-जुगसलाई और पोटका प्रखंड-अंचल कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ने न सिर्फ दफ्तरों की व्यवस्था देखी, बल्कि विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार और फाइलों के रखरखाव को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास भी लगाई। निरीक्षण के दौरान उनके साथ उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान और अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी भी मौजूद रहे।

जनता को चक्कर न कटवाएं— दाखिल-खारिज और म्यूटेशन पर कड़ा रुख
अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान डीसी का सबसे ज्यादा फोकस जमीन से जुड़े मामलों पर रहा। उन्होंने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि विवाद और परिमार्जन जैसे लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए साफ कहा कि आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
सीधे निर्देश: अंचल अधिकारियों और राजस्व उपनिरीक्षकों को चेतावनी दी गई कि सभी लंबित मामलों का निपटारा समय सीमा के भीतर करें।
पारदर्शिता की मांग: आगत-निर्गत और उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) की जांच करते हुए उन्होंने फाइलों को अपडेट रखने और काम में पारदर्शिता लाने की हिदायत दी।
विकास योजनाओं पर अल्टीमेटम: मनरेगा और आवास योजना की होगी मॉनिटरिंग
प्रखंड कार्यालयों में चल रही सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने साफ किया कि कागजी खानापूर्ति अब नहीं चलेगी। उन्होंने मुख्य रूप से 15वां वित्त आयोग के तहत चल रहे काम, मनरेगा के तहत रोजगार और मानव दिवस सृजन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घरों का निर्माण इन योजनाओं की प्रगति जांची।
डीसी की दो टूक: योजनाएं सिर्फ फाइलों में पूरी नहीं दिखनी चाहिए। धरातल पर काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। हर पात्र व्यक्ति को समय पर उसका हक मिलना चाहिए।
दफ्तरों की सूरत बदलने के निर्देश, बीडीओ-सीओ को जिम्मेदारी
पोटका अंचल कार्यालय परिसर का जायजा लेते हुए डीसी ने वहां की साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने परिसर और आवासीय भवनों की स्वच्छता को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए। अधिकारियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ही सरकार और आम जनता के बीच की सबसे पहली और मजबूत कड़ी हैं। अगर यहीं लोगों की सुनवाई नहीं होगी, तो सुशासन का दावा फेल हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद थे, जिन्हें काम के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अंतिम चेतावनी दी गई है।

