डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जिले में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के इस्तेमाल को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में साफ कर दिया गया कि अब कंपनियां अपनी मर्जी से सीएसआर का पैसा खर्च नहीं कर सकेंगी। राज्य सरकार के नियमों का हवाला देते हुए उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि जिला स्तरीय समिति के अप्रूवल के बिना किसी भी सीएसआर गतिविधि को जमीन पर उतारने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने सख्त हिदायत देते हुए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रतिनिधियों को एक सप्ताह के भीतर पिछले साल की रिपोर्ट और चालू वित्तीय वर्ष का पूरा प्लान सौंपने का निर्देश दिया है।
तालमेल की कमी पर जताई नाराजगी
बैठक में यह बात सामने आई कि कई कंपनियां अपने स्तर पर सीएसआर के तहत काम तो कर रही हैं, लेकिन इसकी जानकारी जिला स्तरीय समिति को नहीं दी जा रही है। इससे कार्यों में दोहराव होने की संभावना बनी रहती है। अब तक केवल यूसीआईएल, एचसीएल और बैंक ऑफ इंडिया ने ही नियम के तहत प्रशासन को राशि उपलब्ध कराई है या परियोजनाओं के लिए जिला स्तरीय समिति से मंजूरी ली है। उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य कंपनियों के सीएसआर कार्यों में बेहतर तालमेल बिठाना और संसाधनों का सही इस्तेमाल सीधे जनता के हित में करना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचे।
जिला प्रशासन ने कंपनियों के सामने रखीं ये प्राथमिक जरूरतें
प्रशासन की ओर से जिले के उन क्षेत्रों और क्रिटिकल गैप्स की सूची साझा की गई, जहां कंपनियों को तुरंत सहयोग करने की जरूरत है।
बालिका शिक्षा व स्वास्थ्य: बालिका आवासीय विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीनें लगाना।
पेयजल व स्वास्थ्य: स्वास्थ्य और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में वाटर एटीएम की व्यवस्था तथा मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण।
विशेष क्षेत्र विकास: सबर टोला क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना।
दिव्यांग व सामाजिक कल्याण: दिव्यांगजनों के लिए इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल और मुक्ति वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
शिक्षा व रोजगार: स्कूलों में बेंच-डेस्क, आवासीय विद्यालयों में खेल सुविधाएं बढ़ाना और समाहरणालय परिसर में ‘दीदी कैफे’ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।
कंपनियों ने दिया सहयोग का भरोसा
प्रशासन के इस कड़े रुख और स्पष्ट विजन के बाद बैठक में मौजूद विभिन्न औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे और सीएसआर गतिविधियों को अधिक प्रभावी व जनकल्याणकारी बनाएंगे। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक सहित कई कंपनियों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

