डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। कोल्हान के दुर्गम जंगलों में अपनी आखिरी सांसें गिन रहे नक्सलियों के खात्मे के लिए झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने एक विशेष महा-रणनीति तैयार की है। निशाने पर है 1 करोड़ रुपये का इनामी सीसीएम नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश और उसका दस्ता।
जमशेदपुर स्थित एसएसपी कार्यालय के नए भवन सभागार में पुलिस और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों की एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। करीब दो घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में नक्सल विरोधी अभियानों की मौजूदा स्थिति और स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा फैसला लिया गया।
असीम मंडल के दस्ते में बचे हैं महज 6 से 7 नक्सली
कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बैठक के बाद अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण असीम मंडल का दस्ता अब बेहद कमजोर हो चुका है। कभी बेहद खूंखार माना जाने वाला यह दस्ता अब समेटकर केवल 6 से 7 सदस्यों तक सीमित रह गया है।
दस्ते में कौन-कौन शामिल हैं?
अधिकारियों के अनुसार असीम मंडल उर्फ आकाश के साथ फिलहाल सचिन, उसकी पत्नी, मंगल सिंह सरदार, उसकी पत्नी मालती मुर्मू, अनीता कयाम उर्फ तूनी और कुछ अन्य सदस्य बचे हुए हैं।
झारखंड-बंगाल सीमा के जंगलों का फायदा उठा रहे हैं नक्सली
डीआईजी ने बताया कि बचे हुए नक्सली झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में घने जंगलों की आड़ लेकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं।हालांकि सुरक्षा बलों का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है और उन्हें किसी भी सूरत में निकलने का मौका नहीं दिया जाएगा।
ऑपरेशन में आएगी और तेजी, स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी ‘हाई अलर्ट’
बैठक में कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ, सरायकेला और जमशेदपुर पुलिस के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि असीम मंडल और उसके साथियों को ढूंढ निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन को और अधिक आक्रामक बनाया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर कड़ी निगरानी: आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। आकाश और उसके दस्ते की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जा रही है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। पुलिस का दावा है कि कोल्हान में अब असीम मंडल का दस्ता अंतिम दौर में है और जल्द ही इस पूरे इलाके को पूरी तरह नक्सल मुक्त करा लिया जाएगा।

