​जमशेदपुर बंद के आह्वान के बाद प्रशासन सख्त: साकची, बिष्टुपुर समेत 6 इलाकों में निषेधाज्ञा जारी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार एंड रेस्टोरेंट में हाल ही में हुई घटना के बाद जमशेदपुर में तनाव का माहौल बना हुआ है। शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धालभूम अनुमंडल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। धालभूम के अनुमंडल दण्डाधिकारी अर्नव मिश्रा ने शहर के 6 प्रमुख थाना क्षेत्रों में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता – BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

इन 6 थाना क्षेत्रों में पाबंदियां लागू
​प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम, ​मानगो थाना क्षेत्रों में प्रभावी रहेगी।

​क्यों लिया गया यह फैसला?
​आधिकारिक पत्र के मुताबिक बिष्टुपुर के बार में हुई घटना के विरोध में कुछ विशेष संगठनों और आम नागरिकों द्वारा 3 जुलाई 2026 को धरना-प्रदर्शन, आम सभा और जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया था। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन को अंदेशा था कि इससे शहर की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है और लोक शांति भंग हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है। यह आदेश 3 जुलाई 2026 के रात 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
धरना-प्रदर्शन पर रोक: किसी भी तरह के धरना, प्रदर्शन, घेराव या पुतला दहन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
हथियार ले जाने पर मनाही: कोई भी व्यक्ति अपने साथ लाठी-डंडे, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला या अन्य किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं चल सकता।
लाउडस्पीकर पर पाबंदी: बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) का उपयोग करने पर प्रतिबंध रहेगा।
भीड़ इकट्ठा करने पर रोक: उपद्रव या शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ जमा नहीं हो सकेंगे।

इन्हें मिलेगी छूट
​यह आदेश ड्यूटी पर तैनात दण्डाधिकारियों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मीडियाकर्मियों, सरकारी सेवकों, बारात-पार्टी, शव यात्रा और पूजा-अर्चना के उद्देश्य से एकत्रित हुए लोगों पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, सिख समुदाय के लिए कृपाण और नेपाली समुदाय के लिए खुकरी रखने की धार्मिक रीति-रिवाज के तहत छूट रहेगी।

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