डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जिला समाहरणालय में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में उस समय अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए जब उपायुक्त राजीव रंजन ने लंबित मामलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हर शिकायत का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन करने का अल्टीमेटम दिया है।
तीन दिव्यांगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
इस शिविर की सबसे भावुक और सकारात्मक तस्वीर तब सामने आई जब उपायुक्त ने मौके पर ही तीन दिव्यांगजनों को ई-ट्राइ साइकिल सौंपी। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से गदगद लाभार्थियों ने उपायुक्त का आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी राह आसान हो जाएगी।
इन गंभीर मुद्दों पर आए सबसे ज्यादा आवेदन
शिकायत निवारण दिवस के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं उपायुक्त के सामने रखी।
बुनियादी ढांचा: सड़कों की मरम्मत और नाली निर्माण में आ रही दिक्कतें।
भूमि विवाद: जमीन से जुड़े मामले और भूमि अभिलेखों में सुधार की मांग।
सामाजिक सुरक्षा: सर्वजन पेंशन, दिव्यांग पेंशन और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी।
अन्य प्रमुख मामले: आर्म्स लाइसेंस, सेविका पद पर नियुक्ति, स्कूलों में नामांकन, अवैध खनन पर रोक, चिकित्सीय सहायता और पशु क्रूरता निवारण के गठन से संबंधित शिकायतें।
DC ने दिए ऑन-स्पॉट समन्वय के निर्देश
मामलों की क्रमवार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का असली मकसद कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर लोगों को तुरंत राहत पहुंचाना है। जिन मामलों में जमीन पर जाकर जांच करने या अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की जरूरत है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा करें और इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी दें।

