जमशेदपुर मर्डर केस: राहुल दुबे के सरेंडर से खुलेगा सिंडिकेट का राज? BJP नेता और बार मालिक पर रिमांड की तैयारी, कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी राहुल दुबे ने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे बिष्टुपुर थाने में नाटकीय अंदाज में दोनों हाथ ऊपर कर आत्मसमर्पण कर दिया। राहुल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस झारखंड समेत ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में लगातार छापेमारी कर रही थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन राहुल दुबे का सरेंडर इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।

रविदास गैंग और बार मैनेजमेंट से कनेक्शन
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सोनारी निवासी राहुल दुबे का डीडी बार के मैनेजमेंट से बेहद करीबी रिश्ता था। आरोपी राहुल का बार में नियमित आना-जाना था और पुलिस को संदेह है कि बार में होने वाले अधिकांश विवादों व मामलों का निपटारा राहुल दुबे के माध्यम से ही कराया जाता था। इसके अलावा राहुल दुबे का संबंध कुख्यात रविदास गिरोह से भी बताया जाता है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित तीन गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वारदात के दिन भी वह मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा के साथ बार में ही मौजूद था।

BJP नेता और बार मालिक नीरज सिंह पर कसेगा शिकंजा
इस हत्याकांड की तह तक जाने और इसके पीछे के पूरे सिंडिकेट को बेनकाब करने के लिए बिष्टुपुर थाना पुलिस अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। पुलिस डीडी बार के मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह के साथ-साथ मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा को तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लेने जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ से हत्या की मुख्य साजिश, फंडिंग और इस अपराध में शामिल सफेदपोशों की भूमिका से जुड़े कई बड़े राज सामने आएंगे।

मोबाइल डेटा और CCTV से खुलेंगे राज
पुलिस ने भाजपा नेता नीरज सिंह का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड को तकनीकी सेल की मदद से खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को पूरी उम्मीद है कि घटना के पहले और बाद में हुए संदेहास्पद कॉल्स का विश्लेषण इस पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को आपस में जोड़ देगा। इसके साथ ही घटनास्थल और बार परिसर से मिले सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध चेहरे दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान और सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है।

क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार के बाहर छेड़खानी को लेकर हुए विवाद के बाद देर रात हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद पर जानलेवा हमला किया गया था। आरोप है कि पुलिस की गश्ती गाड़ी से खींचकर दोनों को बेरहमी से पीटा गया, जिसमें 29 जून की रात इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे सहित चार पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब राहुल दुबे के सरेंडर के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस हत्याकांड के पीछे छिपे कई बड़े चेहरों से नकाब हटेगा।

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