डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में जानलेवा मलेरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पोटका प्रखंड के खाड़ियासाई गांव में ब्रेन मलेरिया की चपेट में आने से चार वर्षीय मासूम शिव सरदार की मौत हो गई। इस ताजा मौत के साथ ही जिले में मच्छर जनित इस बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब 8 हो गया है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी और अंधविश्वास की जड़ों को उजागर कर दिया है।
अंधविश्वास और इलाज में देरी पड़ी भारी
मिली जानकारी के अनुसार लालमोहन सरदार के चार साल के बेटे शिव सरदार को जब बुखार आया, तो परिजनों ने तुरंत सही अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया। पहले एक स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराया गया।
स्थिति में सुधार न होने पर भारत सेवाश्रम संघ के डॉक्टरों को दिखाया गया, जहां मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बावजूद परिजनों ने अंधविश्वास के चलते दो अलग-अलग जगहों पर झाड़-फूंक कराई। जब बच्चे की हालत अत्यंत गंभीर हो गई और शरीर में खून की भारी कमी हो गई, तब उसे सदर अस्पताल जमशेदपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
बड़ा सवाल: जिस खाड़ियासाई गांव में यह बच्चा बीमार हुआ, वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका स्थित है। इसके बावजूद समय पर सही इलाज न मिलना और अंधविश्वास का हावी होना पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और ग्रामीण जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
24 घंटे में मिले 101 नए मरीज, आंकड़ा 1600 के पार
जिले में मलेरिया किस कदर पैर पसार चुका है, इसका अंदाजा इन डरावने आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
एक दिन में जांच: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को जिले में कुल 11,090 संदिग्ध मरीजों की जांच की।
नए संक्रमित: इनमें से 101 नए मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं।
कुल आंकड़ा: 29 जून से 9 जुलाई के बीच जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 1,603 तक पहुंच चुकी है।
गंभीर स्थिति: नए मरीजों में से 67 मरीज खतरनाक माने जाने वाले पीएफ (फाल्सीपेरम) मलेरिया से ग्रसित हैं, जबकि 31 मरीज पीवी (प्लाज्मोडियम विवैक्स) से पीड़ित हैं।
हॉटस्पॉट बना पटमदा और पोटका
मलेरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप पटमदा और पोटका इलाके में देखा जा रहा है। गुरुवार को अकेले पटमदा में सबसे अधिक 21 नए मरीज मिले।
पोटका: 19 मरीज
डुमरिया: 18 मरीज
घाटशिला: 16 मरीज
मुसाबनी: 16 मरीज
धालभूमगढ़: 5 मरीज
बहरागोड़ा: 1 मरीज
वर्तमान में सदर अस्पताल खासमहल में 40 और एमजीएम अस्पताल में 11 मरीज भर्ती हैं। एमजीएम के आईसीयू में भर्ती 6 मरीजों में से 2 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
सिविल सर्जन की अपील: लापरवाही न बरतें
बढ़ते मामलों को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छतों पर रखे पुराने टायर, टूटे बर्तनों और कूलरों में पानी जमा न होने दें। रात में सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर बिना समय गंवाए और बिना किसी लापरवाही के तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।

