निरसा (धनबाद)। धनबाद जिले के निरसा स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बेनागड़िया में रैगिंग और छात्र उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कक्षा 10 के एक छात्र के साथ उसके ही कुछ सहपाठियों ने छात्रावास में मारपीट की। घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि घायल छात्र का इलाज धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में चल रहा है।
मोबाइल से पैसे के लेन-देन के विवाद के बाद हुई घटना
जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र गोविंदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। परिजनों का आरोप है कि 14 जुलाई 2026 की देर रात छात्रावास में मोबाइल के माध्यम से पैसे के लेन-देन को लेकर कुछ छात्रों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे से 3:00 बजे के बीच छात्र के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उसके हाथ गमछे से बांध दिए गए, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया और बेल्ट से उसकी पिटाई की गई। यह भी आरोप है कि घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल किया गया तथा पीड़ित को किसी से घटना का जिक्र नहीं करने की धमकी दी गई।
दो दिन तक चुप रहा छात्र, तबीयत बिगड़ने पर खुला मामला
बताया जा रहा है कि घटना के बाद छात्र भय और दबाव के कारण दो दिनों तक किसी को कुछ नहीं बता सका। इस दौरान वह विद्यालय की नर्स से दवा लेकर दर्द सहता रहा और घरवालों को भी वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी।
गुरुवार को जब उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और दर्द बढ़ गया, तब उसने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन विद्यालय पहुंचे और छात्र को पहले पांडरा उप-स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच, धनबाद रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
छह छात्रों पर आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
पीड़ित पक्ष ने छह छात्रों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। सभी आरोपी और पीड़ित कक्षा 10 के छात्र बताए जा रहे हैं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। हालांकि, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है।
पुलिस जांच में जुटी, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो, छात्रावास की परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं, परिजनों ने आरोपित छात्रों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई तथा विद्यालय प्रशासन की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

