डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: डिमना लेक में दो डॉक्टरों की डूबने से हुई दुखद मौत के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
माता-पिता को भी लेनी होगी इजाजत
कॉलेज के नए नियमों के तहत अब हॉस्टल में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां तक कि छात्र-छात्राओं के माता-पिता भी बिना वार्डन की पूर्व अनुमति के हॉस्टल के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में केवल वार्डन की मंजूरी मिलने के बाद ही किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत होगी। प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने सभी वार्डन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं।
नशीले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध और निरीक्षण
जीरो टॉलरेंस पॉलिसी: हॉस्टल परिसर में किसी भी तरह के नशीले पदार्थ रखना या उनका सेवन करना सख्त प्रतिबंधित कर दिया गया है।
नियमित निरीक्षण: चीफ वार्डन और हॉस्टल प्रबंधन को समय-समय पर हॉस्टलों का औचक निरीक्षण करने और अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
150 नए एडमिशन से पहले अवैध रूप से रह रहे इंटर्न्स से खाली कराए जाएंगे कमरे
कॉलेज में जल्द ही 150 नए छात्र-छात्राओं का नामांकन होना है। इससे पहले हॉस्टल में कमरों की किल्लत दूर करने के लिए प्राचार्य ने अस्पताल के अधीक्षक को पत्र लिखा है।
गर्ल्स/बॉयज हॉस्टल: बॉयज और नर्सिंग हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे इंटर्न्स को एक सप्ताह के भीतर कमरे खाली करने का आदेश दिया गया है।
साकची शिफ्टिंग: इन इंटर्न्स को सकची स्थित डॉक्टर हॉस्टल और नर्सिंग हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

