डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और रचनात्मकता का भी मेल है। इसी सोच के साथ वैली व्यू स्कूल में दो दिवसीय वार्षिक साहित्यिक व सांस्कृतिक कला महोत्सव रंगमंच 2026 का भव्य आगाज़ हुआ। 31 जुलाई से 1 अगस्त तक चलने वाले इस कला उत्सव में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं चित्रकला, रंगोली, परिधेय कला (फैशन/कॉस्ट्यूम आर्ट) और अन्य रचनात्मक मंचों के ज़रिए अपना हुनर दिखा रहे हैं।
मानव जीवन अनमोल है, प्रतिभा से करें देश का विकास: डॉ. बी. चंद्रशेखर
समारोह के मुख्य अतिथि डीबीएमएस बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ के चेयरमैन (वित्त) डॉ. बी. चंद्रशेखर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ किया।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुशासन, सकारात्मक सोच और रचनात्मकता को जीवन का मूलमंत्र बताया। आदि शंकराचार्य की प्रसिद्ध रचना विवेकचूड़ामणि का संदर्भ देते हुए डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने गुरुओं से लगातार सीखते हुए अपनी अंतर्निहित प्रतिभा का विकास करना चाहिए, ताकि वे आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।
शिक्षा में सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश जरूरी: प्राचार्या मिक्की सिंह
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय की प्राचार्या मिक्की सिंह ने मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वैली व्यू स्कूल हमेशा से विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और रंगमंच जैसे आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभा को तराशने का बेहतरीन जरिया हैं। वाइस प्रिंसिपल डॉ. जे. के. पाण्डेय ने बताया कि छात्रों की पढ़ाई और एकेडमिक शेड्यूल का ध्यान रखते हुए ही इस दो दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि बच्चे तनावमुक्त होकर अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें।
दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
रंगारंग उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सीसीआर डीएसपी श्री मनोज ठाकुर, टीआरएफ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यू. के. सिंह, टीआरएफ के अन्य अधिकारी, एसएमसी सदस्य तथा शहर के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यगण उपस्थित रहे। शिक्षकों, अभिभावकों और आमंत्रित अतिथियों के बीच विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया।

