लंबे इंतजार के बाद खुशखबरी! जानिए कब तक तैयार होगा धालभूमगढ़ एयरपोर्ट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: लंबे समय से अधर में लटकी धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर एक बार फिर बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना की ‘कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस’ रिपोर्ट साझा कर दी है, जिसके बाद इसे दोबारा ‘परिवेश पोर्टल’ पर जोड़ दिया गया है। इससे पहले इस परियोजना को पोर्टल की सूची से हटा दिया गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा इस मामले में करीब 19 बिंदुओं पर जवाब दाखिल किए जाने के बाद परियोजना के काम में तेजी आने की पूरी संभावना है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची के निदेशक विनोद कुमार द्वारा इस महत्वपूर्ण विकास की जानकारी दी गई है।

50 वर्षों में 1439 करोड़ रुपये का बड़ा आर्थिक फायदा
​रिपोर्ट के मुताबिक धालभूमगढ़ एयरपोर्ट बनने से आने वाले 50 वर्षों में क्षेत्र के समाज और अर्थव्यवस्था को ₹1439 करोड़ से भी अधिक का प्रत्यक्ष लाभ होगा।
आर्थिक लाभ का अनुपात: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस प्रोजेक्ट का कॉस्ट-बेनिफिट रेशियो 1:48.67 है। यानी पर्यावरण पर खर्च होने वाले हर 1 रुपये के बदले समाज को करीब ₹48.67 का सामाजिक और आर्थिक लाभ मिलेगा।
यात्रियों की संख्या: अनुमान है कि इस एयरपोर्ट से हर साल औसतन 52,000 यात्री उड़ान भर सकेंगे।

रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
​एयरपोर्ट के निर्माण और इसके परिचालन से क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भारी इजाफा होगा।
निर्माण कार्य से रोजगार: एयरपोर्ट निर्माण के दौरान लोगों को करीब 300 दिनों का काम मिलेगा।
स्थायी व अस्थायी नौकरियां: परियोजना से 50 लोगों को स्थायी और 120 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था: कर्मचारियों की नियुक्ति और व्यापार बढ़ने से धालभूमगढ़ और आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

₹29.56 करोड़ की पर्यावरणीय लागत का अनुमान
​रिपोर्ट में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और उसके एवज में लगने वाली लागत का भी पारदर्शी ब्योरा दिया गया है।
वन भूमि का हस्तांतरण: एयरपोर्ट विस्तार के लिए कुल 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव है (जो 20 हेक्टेयर से अधिक होने के कारण कैटेगरी-4 में आता है)।
कुल पर्यावरणीय नुकसान: परियोजना से करीब ₹29.56 करोड़ का पर्यावरणीय नुकसान आंका गया है।

पर्यावरण क्षतिपूर्ति और संरक्षण का बजट (अनुमानित):
​इकोसिस्टम: ₹13.47 करोड़
​आवास विखंडन (Habitat Fragmentation): ₹6.74 करोड़
​वन भूमि स्वामित्व क्षतिपूर्ति: ₹4.04 करोड़
​प्रतिपूरक वनीकरण एवं मृदा संरक्षण: ₹3.97 करोड़
​पशुपालन व चारा विकास: ₹1.34 करोड़

केंद्र सरकार द्वारा साझा किए गए इन ठोस आंकड़ों और एएआई के जवाब के बाद, धालभूमगढ़ में नए एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इससे न केवल जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नया आयाम मिलेगा।

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