आखिर ऐसा क्या किया NIT जमशेदपुर ने कि मिल गया ‘गोल्डन’ सम्मान? जानिए कैंपस के 10 बड़े राज!

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : प्रौद्योगिकी और इनोवेशन के साथ-साथ अब पर्यावरण संरक्षण के मामले में भी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर ने देश भर में अपनी अलग पहचान दर्ज कराई है। राष्ट्रीय ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के पहले संस्करण में संस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 90.5 (100 में से) अंक हासिल किए हैं और ‘गोल्ड रेटिंग’ का खिताब अपने नाम किया है। ​इस राष्ट्रीय उपलब्धि के साथ ही एनआईटी जमशेदपुर देश भर के शीर्ष शिक्षण संस्थानों की हरित सूची में 28वें स्थान पर पहुंच गया है।

क्यों खास है यह उपलब्धि?
​वैश्विक संस्था ग्रीन मेंटर्स (जिसे संयुक्त राष्ट्र ECOSOC से विशेष परामर्शदात्री दर्जा प्राप्त है) द्वारा जारी यह रैंकिंग संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूनेस्को के ‘ग्रीनिंग हायर एजुकेशन फ्रेमवर्क’ पर आधारित है।
​एनआईटी जमशेदपुर ने अपने कैंपस को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी व ऊर्जा दक्षता: सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीकों का अधिकतम प्रयोग।
वेस्ट-टू-वेल्थ और रीसायकलिंग: कचरा प्रबंधन और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के पुनर्चक्रण का व्यापक अभियान।
सस्टेनेबल कैंपस लाइफ: जल संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा और हरित परिवहन।
रिसर्च और कम्युनिटी एंगेजमेंट: पर्यावरण जागरूकता पर आधारित शोध और स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम।

10 कड़े मानकों पर कसा गया संस्थान का प्रदर्शन
​ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग के तहत संस्थानों को कुल 10 प्रमुख कसौटियों पर परखा गया था।
​सुशासन व दूरदर्शी नेतृत्व
​जैव विविधता संरक्षण
​कार्बन उत्सर्जन व जलवायु एक्शन
​हरित अवसंरचना
​सस्टेनेबिलिटी रिसर्च व नवाचार
​पाठ्यक्रम व हरित शिक्षा
​जल संरक्षण प्रणाली
​सतत परिवहन व्यवस्था
​अपशिष्ट प्रबंधन व सर्कुलर इकोनॉमी
​सामुदायिक भागीदारी व जन-जागरूकता

निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार को सौंपा गया ‘गोल्ड सर्टिफिकेट’
​इस ऐतिहासिक सफलता पर स्वच्छता ही सेवा टीम के नोडल अधिकारी और रैंकिंग कमेटी 2026 के प्रमुख डॉ. नवीन कुमार वेलदुर्थी ने अपनी टीम के साथ संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार को औपचारिक रूप से एनजीयूआर 2026 ‘गोल्ड रेटिंग प्रमाणपत्र’ सौंपा। ​इस दौरान प्रभारी कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी सहित संस्थान के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

टीम वर्क की मिसाल बना कैंपस
​संस्थान को यह मुकाम दिलाने में एनआईटी जमशेदपुर के कई विभागों और विंग्स का साझा योगदान रहा। ‘गो ग्रीन क्लब’, ‘राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS)’, ‘उन्नत भारत अभियान’, हाउसकीपिंग व ग्रीन कैंपस सेक्शन, योजना व विकास विभाग, शैक्षणिक अनुभाग ने मिलकर सभी आवश्यक आंकड़े और साक्ष्य जुटाए।
​संस्थान प्रबंधन का कहना है कि यह रेटिंग आने वाले वर्षों में कैंपस को शून्य-उत्सर्जन की दिशा में ले जाने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगी।

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