​छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद भड़का गुस्सा: पोटका में जले टायर, चक्रधरपुर में दुकानें बंद, जानिए अपने शहर का हाल

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : रांची में जेएसएससी और जेपीएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में मंगलवार को भाजपा का राज्यव्यापी बंद देखने को मिला। पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम (पोटका) के अलग-अलग इलाकों में इस आंदोलन का मिला-जुला से लेकर व्यापक असर दर्ज किया गया। कहीं सड़कों पर टायर जलाकर नारेबाजी की गई, तो कहीं स्थानीय व्यापारियों के समर्थन से बाजार पूरी तरह बंद रहे।

​चाईबासा: मंगलाहाट में बंद समर्थकों और विक्रेताओं में तनातनी
​चाईबासा में बंद का असर आंशिक रहा। सुबह लगभग 9 बजे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बाजारों में उतरे और व्यवसायियों से दुकानें बंद रखने का आग्रह किया। हालांकि मंगलवार को शहर में लगने वाले पारंपरिक मंगलाहाट में स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे कई विक्रेताओं ने दुकानें समेटने से मना कर दिया, जिसके बाद बंद समर्थकों और विक्रेताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

चक्रधरपुर: दोहरे विरोध से थम गईं व्यावसायिक गतिविधियां
​चक्रधरपुर क्षेत्र में बंद का सबसे ज्यादा असर देखा गया। यहां भाजपा के राज्यव्यापी आह्वान के साथ-साथ स्थानीय रश्मि इलेक्ट्रॉनिक्स में हुई चोरी की घटना से नाराज व्यापारियों ने भी स्वतः स्फूर्त बाजार बंद रखा। बीते सोमवार को कैंडल मार्च निकालने के बाद व्यापारियों ने मंगलवार को पूरी तरह कारोबार ठप रखा। इन दोनों वजहों के एक साथ मिलने से चक्रधरपुर का पूरा व्यावसायिक इलाका, प्रमुख दुकानें और निजी शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहे।

पोटका: पूर्व विधायक के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन, सड़कों पर जले टायर
​पूर्वी सिंहभूम के पोटका में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन काफी आक्रामक रहा। पूर्व विधायक मेनका सरदार के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाता और हल्दीपोखर समेत आसपास के इलाकों में मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने मुख्य रास्तों पर टायर जलाकर आवाजाही रोक दी और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बंद के दौरान सड़कों पर गाड़ियां बेहद कम दिखी, हालांकि आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोटका थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो पुलिस बल के साथ लगातार गश्त करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक मेनका सरदार ने कहा कि अपने हक और सुनहरे भविष्य की मांग कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसाना और आंसू गैस के गोले छोड़ना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर सख्त कदम उठाने चाहिए।

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