पत्नी की हत्या कर शव के किए थे तीन टुकड़े, पति को उम्रकैद; 2 बच्चों के लिए कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

Reena Sharma
3 Min Read

बिहार के बगहा में पत्नी की निर्मम हत्या के छह साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। धनहा थाना क्षेत्र में हुए इस मामले में कोर्ट ने दोषी पति पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही, दंपती के दोनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें सरकारी परवरिश योजना के तहत हर महीने चार-चार हजार रुपये देने का आदेश दिया गया है।

मामला धनहा थाना क्षेत्र के बैरा बाजार टोला मुसहरी का है। बुनिलाल यादव के बेटे सुभाष यादव पर अपनी पत्नी रीना देवी की हत्या का आरोप था। अभियोजन के अनुसार मोटरसाइकिल और भैंस को लेकर हुए विवाद के बाद सुभाष ने पत्नी की हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई और शव के तीन टुकड़े कर अलग-अलग बोरियों में डालकर फेंक दिया गया था। बाद में मृतका के गले से मिली संदूक की चाबी के आधार पर उसकी पहचान रीना देवी के रूप में हुई। इस मामले में 30 जुलाई 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

बगहा एडीजे-4 मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद सुभाष यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, धारा 201 के तहत सात साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान पेश किए थे। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था और मामले की स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई हुई।

अदालत ने आरोपी को सजा सुनाने के साथ-साथ उसके दोनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को लेकर भी अहम निर्देश दिया है। मां की हत्या और पिता को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद दोनों बच्चों की परवरिश प्रभावित न हो, इसके लिए बिहार सरकार को परवरिश योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को हर महीने चार-चार हजार रुपये देने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा बच्चों को डीएलसी पुनर्वास योजना का लाभ देने का भी निर्देश दिया गया है।

Share This Article