डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने स्वर्णरेखा नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। चांडिल डैम का जलस्तर इस मानसून के रिकॉर्ड स्तर 181.70 मीटर तक पहुंचने के बाद प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए आपात कदम उठाने पड़े हैं। डैम के सभी 13 रेडियल गेटों की ऊंचाई बढ़ाकर उनसे बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन द्वारा पांच गेटों को 2-2 मीटर और आठ गेटों को 1.5-1.5 मीटर तक खोलकर जल निकासी तेज कर दी गई है। इस त्वरित कार्रवाई से शाम तक जलस्तर घटकर 181.20 मीटर पर तो आया है, लेकिन नदी का जलप्रवाह तेज होने के कारण अब निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका गहराई हुई है।
डैम का जलस्तर: 181.70 मीटर (इस मानसून का सर्वोच्च स्तर)
वर्तमान जलस्तर: 181.20 मीटर (पानी छोड़ने के बाद)
गेटों की स्थिति: सभी 13 रेडियल गेट खुले (5 गेट 2 मीटर पर, 8 गेट 1.5 मीटर पर)जोखिम क्षेत्र: स्वर्णरेखा नदी के तटीय और निचले क्षेत्र
विस्थापितों और प्रशासन के बीच जलस्तर को लेकर खींचतान
हालांकि पानी की तीव्र निकासी से डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के ऊपर से तात्कालिक खतरा टल गया है, लेकिन जलस्तर का स्थायी समाधान अभी बाकी है। आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में डैम का जलस्तर 180 मीटर से नीचे बनाए रखने का फैसला हुआ था, जबकि स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापितों की मांग है कि इसे 179 मीटर से ऊपर न जाने दिया जाए ताकि उनके घर और खेत सुरक्षित रहें। 15 अगस्त से ही डैम के सभी गेट खोले जा चुके थे, फिर भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई थी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन नदी के बहाव को देखते हुए स्वर्णरेखा के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी रखा गया है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

