खनिज विधेयक पर सुदेश महतो का केंद्र को पत्र, झारखंड के हितों की रक्षा की मांग

Reena Sharma
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रांची। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 से झारखंड में उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।

सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड के हितों के विरुद्ध लिया गया कोई भी निर्णय राज्य की जनता को स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों से मिनरल बेयरिंग लैंड पर राज्य सरकार द्वारा स्वतंत्र रूप से टैक्स, सेस अथवा अन्य लेवी लगाने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसका खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि झारखंड सरकार को मिनरल बेयरिंग लैंड पर सेस लगाने का अधिकार दिया जाए और इसके उपयोग को स्पष्ट रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास एवं जनकल्याण से जोड़ा जाए।

शिक्षा-स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च हो सेस की राशि

सुदेश महतो ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोग निवास करते हैं। इन क्षेत्रों की बड़ी आबादी आज भी गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, शुद्ध पेयजल और बेहतर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सेस से प्राप्त राशि का इस्तेमाल खनन प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर विद्यालयी आधारभूत संरचना विकसित करने, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, पोशाक और किताबें उपलब्ध कराने, पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में किया जाए।

इसके अलावा हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने, महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, सड़क-बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विस्थापितों के पुनर्वास पर भी राशि खर्च करने का सुझाव दिया गया है।

अवैध कोयला खनन पर रोक लगाने की मांग

सुदेश महतो ने झारखंड में अवैध कोयला खनन का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने कोयला खदानों में पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करने तथा अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगने से आधिकारिक कोयला उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे राज्य सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी एवं अन्य राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। इस अतिरिक्त राजस्व का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में किया जा सकता है।

सुदेश कुमार महतो ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री झारखंड की जनता की भावनाओं और राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इन मुद्दों पर त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लेंगे।

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