मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में एक बेटे ने अपनी मां की हत्या के बाद लूट और अपहरण की झूठी कहानी रच दी। पुलिस ने महज 12 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए आरोपी बेटे आलम हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा डैगर चाकू भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे 45 हजार रुपये की रकम सामने आई है। मृतका नजमा खातून अपने बेटे के साथ अरेराज बैंक से 45 हजार रुपये निकालकर मोटरसाइकिल से घर लौट रही थीं।
पुलिस के मुताबिक, खोरी-पाकड़ चिमनी के पास बेटे ने चार अपराधियों द्वारा दोनों को रोककर मारपीट करने और उसकी मां को रुपये सहित अपने साथ ले जाने की झूठी कहानी बताई। सूचना मिलने के बाद हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों की जांच करने के साथ सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें नजमा खातून अपने बेटे आलम हुसैन के साथ सेवराहा की ओर जाती दिखाई दीं। फुटेज में पीछे से किसी संदिग्ध व्यक्ति के आने की बात सामने नहीं आई।
इसके बाद पुलिस ने आलम हुसैन से पूछताछ की, जिसमें उसके बयान में लगातार विरोधाभास सामने आने लगे। जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर मृतका और आलम हुसैन की चप्पलें बरामद हुईं। वहीं, आलम के शरीर पर चोट के निशान और घटना के समय पहने कपड़ों पर खून के धब्बे भी मिले। लगातार पूछताछ में पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि बैंक से पैसे निकालने के बाद उसने मोटरसाइकिल मांगी और एक डैगर खरीदा। इसके बाद मां को मोटरसाइकिल पर बैठाकर खोरी-पाकड़ चिमनी के पास ले गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी मां को ईख के खेत में चावल का बोरा होने की बात कहकर वहां भेजा और उनके खेत की ओर जाते ही डैगर से हत्या कर दी। इसके बाद 45 हजार रुपये ले लिए और डैगर सहित अन्य सामान ईख के खेत में फेंक दिया। हत्या के बाद घटना को लूट और अपहरण का रूप देने के लिए वह सड़क पर लेटकर रोने लगा और ग्रामीणों को झूठी कहानी बताई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त खून लगा डैगर बरामद कर लिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

