जमशेदपुर में अचानक चला बुलडोजर: 3 मकान तो जमींदोज हुए, लेकिन रसूखदारों की बड़ी इमारतों को क्यों छू भी नहीं पाया प्रशासन?

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: मानगो के कुंवर बस्ती इलाके में स्वर्णरेखा नदी किनारे किए गए अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चलने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। हालांकि अंचलाधिकारी बृजेश श्रीवास्तव के अनुसार प्रभावितों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके थे और नदी के बहाव और अस्तित्व की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी, लेकिन इस कार्रवाई ने निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय निवासियों का विरोध और प्रमुख मांगें
दोहरे रवैये का आरोप: निवासियों का कहना है कि वे अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नदी किनारे सालों से खड़े बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और रसूखदारों के अवैध भवनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
पूरे मानगो में जांच की मांग: प्रभावित परिवारों ने मांग रखी है कि प्रशासन बिना किसी पक्षपात के पूरे मानगो क्षेत्र में नदी किनारे हुए सभी निर्माणों की निष्पक्ष जांच कराए।
पुनर्वास और मुआयना: जिन बेघर हुए परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास और पुनर्वास की तत्काल व्यवस्था की जाए।

कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल की भारी तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक पारदर्शिता और भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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