डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के रामगढ़ स्थित बरकाकाना में एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है, जहां ‘मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात फैक्टरी’ में टरबाइन फटने से 3 इंजीनियरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया है। शुरुआती जांच और प्लांट के अंदरूनी बयानों से साफ हो रहा है कि यह भीषण हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की बड़ी लापरवाही का नतीजा है।

हादसे का शिकार हुए कर्मचारी और घायलों का हाल
नाइट शिफ्ट के दौरान हुए टरबाइन ब्लास्ट में झुलसकर जान गंवाने वालों में रांची निवासी 50 वर्ष के संजीव कुमार केसरी, 25 वर्ष के विनीत महतो बोकारो निवासी, गढ़वा निवासी 24 वर्ष के अभिषेक पांडेय शामिल है। इस घटना में हजारीबाग के रहने वाले मजदूर तरुण रजवार गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज रांची रोड स्थित दि हॉप अस्पताल में चल रहा है।
ओवरहीटिंग और लापरवाही बनी काल
प्लांट के पावर यूनिट इंचार्ज अनुराग त्रिपाठी ने सीधे तौर पर कंपनी प्रबंधन की लापरवाही पर उंगली उठाई है। उनके अनुसार, प्लांट में लगातार बढ़ रहे तापमान (ओवरहीटिंग) की जानकारी मैनेजमेंट को दी गई थी और तापमान नियंत्रित करने के लिए एसी लगाने की बार-बार मांग की गई थी। समय रहते कदम न उठाए जाने के कारण टरबाइन ब्लास्ट हो गया और भीषण आग लग गई।
फैक्टरी गेट पर भारी जनाक्रोश, मुआवजे की मांग
हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। शनिवार सुबह से ही लोग फैक्टरी गेट पर जुटने लगे हैं। उग्र ग्रामीण मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। दमकल की 4-5 गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं।

