प्रशिक्षण का आगाज
IIT (ISM) धनबाद के EIACP केंद्र ने झारखंड फाउंडेशन केंद्र के सहयोग से पिंड्राजोरा में एक सप्ताह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत की। इसका उद्देश्य पारंपरिक सिक्की कला को नई पहचान देना है।
30 प्रतिभागी सीख रहे हुनर
4 सितंबर तक चलने वाले प्रशिक्षण में 30 प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें JSLPS से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य और गृहिणियां सिक्की घास से टोकरियां, डिब्बे, आभूषण समेत उपयोगी उत्पाद बनाना सीख रही हैं।
आजीविका से जोड़ने पर जोर
IIT (ISM) ने कहा कि पारंपरिक कला को बढ़ावा देने से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ महिलाओं के लिए टिकाऊ रोजगार के अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं।
बेहतर प्रदर्शन पर सम्मान
प्रशिक्षण के समापन पर तीन सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को अपने हुनर को निखारने और सिक्की कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

