जमीन गई, नौकरी-मुआवजा अटका! रैयतों की फरियाद पर अपर समाहर्ता ने सुनी BCCL की दलील

Reena Sharma
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धनबाद: झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) द्वारा 18 से 21 सितंबर 2025 तक धनबाद जिले में किए गए स्थल अध्ययन के दौरान प्राप्त जन-आवेदनों पर जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है. इन सभी आवेदनों को जिला भूमि प्रकोष्ठ (District Land Cell) को हस्तांतरित किया गया था. इसी के तहत शनिवार को रैयतों और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों का पक्ष अपर समाहर्ता सह अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट लैंड सेल प्रदीप कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में अपर समाहर्ता कक्ष में सुना गया.

रैयतों और BCCL प्रतिनिधियों की दलीलें सुनीं

सुनवाई के दौरान रैयतों की ओर से प्रस्तुत विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार किया गया. वहीं भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के प्रतिनिधियों का पक्ष भी सुना गया. दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर समाहर्ता ने संबंधित मामलों में आवश्यक और समुचित दिशा-निर्देश जारी किए.

जमीन के बदले रोजगार और मुआवजे के मामले

बताया गया कि अधिकांश मामले जमीन के बदले नियोजन (रोजगार) और मुआवजे से संबंधित हैं. अपर समाहर्ता सह अध्यक्ष, District Land Cell ने लंबित मामलों का न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी लंबित मामलों का निष्पक्ष और शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा. सुनवाई में कई मामले स्वत्व से संबंधित भी पाए गए.

अधिकारी और रैयतों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

सुनवाई के दौरान जिला राजस्व शाखा के प्रशांत झा, BCCL के महाप्रबंधक (भू-संपदा) ए.के. सिन्हा, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक सह सलाहकार (भू-संपदा) नंदलाल अग्रवाल, वरुण कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक (भू-संपदा), बस्ताकोला क्षेत्र, ए.के. विश्वकर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक (भू-संपदा), उमाशंकर (एआरआई) सहित रैयतों में जलेश्वर महतो, सिंटू पिल्लई और कई अन्य रैयतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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