बाघमारा के ब्लॉक दो क्षेत्र में स्थानीय नियोजन और विस्थापन की समस्याओं को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)
कार्यकर्ताओं ने बीसीसीएल प्रबंधन के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। बैठक के दौरान झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी कि “सरकार हमारी, राज्य हमारा और नियोजन किसी और को” यह नीति अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आउटसोर्सिंग में स्थानीय नियोजन की मांग
75 प्रतिशत स्थानीय नियोजन के तहत आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय युवाओं और विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग की गई।
विस्थापन का स्थायी समाधान
कोलियरी विस्तार से प्रभावित होने वाले विस्थापित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार मुहैया कराने पर जोर दिया गया।
लोकल सेल में प्राथमिकता
लोकल सेल के माध्यम से मिलने वाले रोजगार और काम में स्थानीय मजदूरों को जोड़ने की बात उठाई गई।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थानीय युवाओं और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी उग्र आंदोलन का रुख अपनाने को बाध्य होगी। इस वार्ता में स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आगे भी चर्चा जारी रखने पर सहमति बनी है।
बैठक में शामिल लोग
इस बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय सदस्य कामेश्वर कुमार महथा उर्फ डब्लू महथा, प्रखंड अध्यक्ष धीरन रवानी, वरिष्ठ नेता दयाल महतो, युवा नेता अताउल रहमान, वकील अंसारी, संजू यादव, बबलू महथा, मनीष सिंह, अरुण बरनवाल, विकी गुप्ता, अशोक पासवान, सद्दाम हुसैन, खुर्शीद आलम, मेराज अंसारी, तौफीक आलम, अरबाज अंसारी, लाला अंसारी, सज्जाद अंसारी, इरशाद अंसारी, कफिल अंसारी, रितेश अग्रवाल, गोलू शर्मा, विवेक बरनवाल, चंदन राम, रोहित यादव, गणेश चौहान, संजय प्रामाणिक, राजू प्रामाणिक, आशिफ खान, कौसर आलम, रिंकी देवी, बरती देवी, बिंदिया देवी, पुनिया देवी, विमली देवी और अन्य सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।

