अलर्ट! उत्तराखंड में भारी बारिश से मची तबाही, अलग-अलग हादसों में 6 लोगों की मौत, घरों में घुसा मलबा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मानसून ने एक बार फिर भयानक रूप अख्तियार कर लिया है। मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में हुए अलग-अलग हादसों में दो बच्चों समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। भूस्खलन, मकान ढहने और नाले में बहने की इन घटनाओं से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।

अल्मोड़ा में काल बना मलबा, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड के उडयूडा गांव में मंगलवार सुबह कुदरत का कहर उस वक्त टूटा जब लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से भारी मलबा सीधे एक घर में जा घुसा। घर के अंदर सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे के नीचे से 41 वर्षीय प्रेमा देवी, उनकी 19 वर्षीय बेटी कल्पना और 17 वर्षीय बेटे मनीष के शव बरामद किए गए। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस तरह मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

मजदूरी करने आए दो नेपाली नागरिकों की दीवार के नीचे दबकर मौत
अल्मोड़ा के ही धार की तुनी क्षेत्र में सोमवार देर रात हुए एक अन्य हादसे में दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई। यहां भारी बारिश के चलते एक मकान पर भारी-भरकम रिटेनिंग वॉल भरभराकर गिर गई, जिससे मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। आसपास के मकान दूर होने के कारण रात में किसी को हादसे की भनक नहीं लग सकी। मंगलवार सुबह जब लोगों को घटना की जानकारी मिली, तब प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया। एसडीआरएफ ने मलबे से 35 वर्षीय दिलीप बहादुर और 35 वर्षीय चक्र उर्फ नेत्र बहादुर (निवासी कालीकोट, नेपाल) के शव निकाले। दोनों यहां रहकर मेहनत-मजदूरी करते थे।

भीमताल में उफनते नाले की चपेट में आई तीन साल की मासूम
वहीं नैनीताल जिले के भीमताल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां भीमताल बाईपास रोड के पास रहने वाले भुवन कुमार की तीन साल की बेटी पल्लवी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अचानक घर के पास बह रहे नाले में गिर गई। परिजनों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की और पीछे दौड़े, लेकिन बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव इतना तेज था कि बच्ची पलक झपकते ही ओझल हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के बाद मासूम का शव भीमताल झील के किनारे बोट स्टैंड के पास से बरामद किया गया।
​लगातार हो रही इन त्रासदियों के बाद प्रशासन ने पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्कता बरतने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और उफनते नालों के पास जाने से बचने की सख्त चेतावनी दी है।

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