गंदगी फैलाने वालों की अब खैर नहीं! बंगाल में लागू हुआ नया नियम, जानें किस गलती पर कितना लगेगा जुर्माना

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल में अब सार्वजनिक जगहों को गंदा करना आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। राज्य सरकार ने स्वच्छता नियमों को सख्ती से लागू करते हुए एक नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत सड़क पर थूकने से लेकर खुले में कचरा फैलाने तक के लिए फिक्स पेनल्टी तय कर दी गई है।

नए नियमों के मुताबिक अगर कोई शख्स अब सड़क या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर थूकते हुए पकड़ा गया, तो उसे सीधे एक सौ रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा इधर-उधर कचरा फेंकने और खुले में शौच या पेशाब जैसी गतिविधियों के लिए दो सौ रुपये का आर्थिक दंड तय किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर भी शिकंजा कसा है। अब राज्य में 125 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल करने पर भी दो सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

राजस्व बढ़ाना नहीं, मानसिकता बदलना है मकसद
इस पूरे अभियान की बागडोर संभाल रहीं नगर विकास व नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने साफ कर दिया है कि इस प्रशासनिक सख्ती का उद्देश्य सरकार की झोली भरना कतई नहीं है। उनका कहना है कि इस पहल का असली मकसद लोगों की पुरानी आदतों और उनकी सोच में बदलाव लाना है, ताकि हमारा परिवेश साफ-सुथरा रह सके। ​हालांकि सरकार ने यह स्वीकार भी किया है कि इस बड़े बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए अभी बुनियादी ढांचे को और दुरुस्त करने की जरूरत है। इसी कड़ी में बाजारों और रेलवे स्टेशनों के आसपास युद्ध स्तर पर कूड़ेदान रखवाए जा रहे हैं और सार्वजनिक शौचालयों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर लगेंगी खास वेंडिंग मशीनें
प्लास्टिक पर लगाम कसने के साथ-साथ सरकार इसके विकल्प भी आम जनता को मुहैया करा रही है। इसके लिए बाजारों में विशेष वेंडिंग मशीनें लगाई जा रही हैं। इन मशीनों के जरिए लोगों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मिलेंगे—एक मशीन से मक्के (कॉर्न) से बने बायोडिग्रेडेबल बैग महज एक रुपये में मिल सकेंगे, तो दूसरी मशीन से कपड़े के थैले पांच से दस रुपये के बीच उपलब्ध होंगे।
​प्रशासन का कहना है कि प्रदेश भर के बाजारों में इन मशीनों को भेजने का काम शुरू हो गया है, जिसमें वेंडर्स को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। वहीं, आवासीय कॉलोनियों में सड़कों पर कूड़ेदान लगाने के बजाय अब घर-घर से ही कचरा दो अलग-अलग कैटेगरी वाले थैलों में कलेक्ट करने पर जोर दिया जा रहा है, जिसे सीधे सफाईकर्मियों को सौंपा जाएगा।

बता दें कि बंगाल में गंदगी और थूकने को लेकर पहले से भी कानूनी प्रावधान कागजों में मौजूद रहे हैं। साल 2019 में संशोधित नगरपालिका कानून के तहत एक हजार रुपये तक के जुर्माने का नियम था, और कोलकाता महानगर में तो अवैध कचरा फेंकने पर पचास से पांच हजार रुपये तक का प्रावधान रहा है। लेकिन अब इन पुराने नियमों को व्यावहारिक और सख्त रूप देकर धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

Share This Article