​नोटों की गिनती में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, 17 करोड़ से ज्यादा के निकले नकली नोट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में चल रही स्पेशल ऑडिट के दौरान फर्जी नोटों का एक ऐसा चौंकाने वाला जखीरा हाथ लगा है, जिसने वित्तीय जगत और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। बैंक की तिजोरी से 29 लाख रुपये के और जाली नोट मिलने के बाद कुल नकली नकदी का यह आंकड़ा बढ़कर 17 करोड़ 29 लाख रुपये पर पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और बैंक मुख्यालय के 35 वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम ने डेरा डाल दिया है।

कैसे खुला राज?
घोटाले की इस परत का खुलासा तब हुआ जब गत 5 अगस्त को इस करेंसी चेस्ट से कटे-फटे और पुराने नोटों के बंडल आरबीआई जयपुर भेजे गए थे। वहां जब इनकी री-काउंटिंग हुई, तो 4 लाख 30 हजार 900 रुपये कम पाए गए। इस छोटी सी विसंगति पर जब गहराई से जांच शुरू की गई, तो बैंक के भीतर चल रहे बड़े खेल की फाइलें खुलती चली गई। शुरुआती दौर में केवल 500 रुपये के बंडलों की जांच में 7 करोड़ 40 लाख रुपये के जाली नोट सामने आए थे। इसके बाद सोमवार तक यह आंकड़ा 17 करोड़ तक जा पहुंचा और बुधवार को जब 100 और 200 रुपये के नोटों के बंडलों की गिनती शुरू हुई, तो फर्जीवाड़े की यह रकम बढ़कर 17 करोड़ 29 लाख रुपये हो गई। छोटे नोटों की गिनती का यह सिलसिला अभी भी जारी है।

लखनऊ से पहुंची RBI की विशेष टीम, 35 अधिकारी संभाल रहे मोर्चा
मामले की तह तक जाने के लिए लखनऊ से आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों की एक और विशेषज्ञ टीम सहारनपुर पहुंच गई। अब कुल 35 सदस्यीय टीम इस पूरे प्रकरण की हर एक बैंक एंट्री, रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इस भारी-भरकम नकली करेंसी को बैंक के सिस्टम में दाखिल करने और इसके सत्यापन के दौरान आंतरिक स्तर पर कहां-कहां सेंध लगाई गई।

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तीन बैंक अधिकारी नामजद और निलंबित, एक गिरफ्तार
वित्तीय इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद बैंक प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पीएनबी के सीनियर डिवीजनल मैनेजर रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील कुमार और अमित कुमार के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बैंक का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए इन पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है। इसके अलावा, करेंसी चेस्ट से चोरी के आरोप में पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ भी अलग से मामला दर्ज किया गया है। चर्चा है कि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

एसआईटी और फॉरेंसिक टीम कर रही साक्ष्य जुटाने का काम
पुलिस प्रशासन ने भी इस हाई-प्रोफाइल मामले में सात सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है, जो फरार या नामजद आरोपितों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के बहुत करीब है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। दूसरी ओर, फॉरेंसिक टीम ने करेंसी चेस्ट के भीतर पहुंचकर घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस बैंक के सीसीटीवी फुटेज को खंगालते हुए उन तमाम चेहरों की पहचान करने में जुटी है, जो इस सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स सामने आने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।

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