डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आज जमशेदपुर में भी बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। सार्वजनिक, निजी और ग्रामीण बैंकों के साझा मंच ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ के बैनर तले बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार व बैंकिंग प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया।

पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर निकाली गई इस हड़ताल ने शहर के बैंकिंग कामकाज और कारोबार की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है।
सड़कों पर उतरे बैंक कर्मी, जोरदार नारेबाजी
हड़ताल के पहले दिन सुबह से ही शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। बिष्टुपुर से लेकर कचहरी चौक तक बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी कर केंद्र सरकार और प्रबंधन के खिलाफ हुंकार भरी। इस प्रदर्शन में महिला बैंक कर्मियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन स्थल पर एक विशाल सभा का आयोजन किया गया, जहां वक्ताओं ने माइक के जरिए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से बुलंद किया। इस दौरान ‘कर्मचारी एकता जिंदाबाद’ और मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा।
वित्तीय और बैंकिंग कामकाज पर पड़ा गहरा असर
बैंक कर्मचारियों की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल और जमशेदपुर में हुए इस उग्र प्रदर्शन के कारण शहर के तमाम राष्ट्रीयकृत और अन्य बैंकों में वित्तीय कामकाज पर व्यापक असर पड़ा है। शाखाओं में ताले लटके होने के कारण चेक क्लीयरेंस, फंड ट्रांसफर, लोन पास कराने और कैश जमा-निकासी जैसे जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित हुए। आम जनता और व्यापारियों को अपने दैनिक बैंकिंग कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार और संबंधित अधिकारियों ने जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और विरोध-प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा।

