डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आजादी और उनके बिज़नेस को नई उड़ान देने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिले में ‘झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम’ की धमाकेदार शुरुआत हो गई है। जिला मुख्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस ग्रामीण इलाकों की महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने छोटे व्यवसायों को एक मजबूत और मुनाफे वाला ब्रांड बना सकें।
यह खास पहल झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और IIM-CIP के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई है। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू और उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस दौरान जिलेभर से आई उद्यमी दीदियां, बैंक सखियां और अलग-अलग प्रखंडों के अधिकारी मौजूद रहे।
क्या है इस कार्यक्रम का मकसद?
झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व में चल रहे या नए शुरू होने वाले व्यवसायों को हर संभव सपोर्ट देना है। इसके तहत महिलाओं को सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके बिजनेस को बढ़ाने के लिए कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
0% ब्याज पर लोन: महिलाओं को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बिना ब्याज के सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
एक्सपर्ट मेंटरशिप: बिजनेस को सही दिशा देने के लिए IIM और दूसरे विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन मिलेगा।
मार्केट लिंकेज: उत्पादों को लोकल मार्केट से निकालकर बड़े बाजारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने में मदद की जाएगी।
ब्रांडिंग और पैकेजिंग: उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए उनकी आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हब एंड स्पोक मॉडल से जुड़ेगा हर गांव
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ है। इसके जरिए रांची के केंद्रीय हब से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक बने स्पोक सेंटर्स आपस में जुड़े रहेंगे। इससे दूर-दराज के गांवों में बैठी महिला उद्यमियों को भी आधुनिक तकनीक, बिजनेस मैनेजमेंट और बाजार की लेटेस्ट जानकारियों का सीधा लाभ मिल सकेगा।
सशक्तिकरण की ओर एक मजबूत कदम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने कहा कि जब देश की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस योजना का पूरा फायदा उठाएं और अपने सपनों को जमीन पर उतारें।
वहीं, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने स्थानीय संसाधनों का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी कला और हुनर को पहचानें तथा बाजार की डिमांड के हिसाब से अपने उत्पादों की क्वालिटी सुधारें, ताकि उनके बिजनेस को एक प्रोफेशनल पहचान मिल सके।
IIM-CIP की टीम ने वर्कशॉप के दौरान महिलाओं को बिजनेस प्लान बनाने, ग्राहकों की पसंद समझने और अपने मुनाफे को बढ़ाने के गुर सिखाए। JSLPS के डीपीएम सुजीत बारी ने सभी का धन्यवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि जिले की हर योग्य महिला उद्यमी को इस इन्क्यूबेटर कार्यक्रम से जोड़कर उन्हें हर कदम पर सपोर्ट किया जाएगा।

