डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में जिला प्रशासन की ओर से समावेशी लोकतंत्र की दिशा में एक अनूठी पहल देखने को मिली है। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान के तहत पुराना बाराद्वारी स्थित राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ परिसर में विशेष पंजीकरण शिविर लगाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के उस वर्ग को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना है, जो अक्सर कागजी औपचारिकताओं के कारण पीछे छूट जाता है। इस विशेष शिविर में प्रशासनिक अमले ने खुद मौजूद रहकर दृष्टिबाधित मतदाताओं का मार्गदर्शन किया। उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह की देखरेख में निर्वाचन टीम ने पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरने की पूरी प्रक्रिया समझाई और हरसंभव मदद मुहैया कराई।

खास लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
शिविर का असर ऐसा रहा कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित और कामकाजी दृष्टिबाधित लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पंजीकरण कराने वालों में सहायक निबंधक (सहकारी समितियां) विवेक कृष्ण सिंह, टाटा स्टील के पूर्व कर्मचारी, आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के कर्मी, विभिन्न बैंकों में कार्यरत अधिकारी और कई उद्यमी शामिल रहे। सभी ने फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया।
प्रशासन की प्राथमिकता: हर एक वोट की कीमत
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन का कहना है कि SIR-2026 अभियान का मूल मंत्र ‘कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं’ है। जिला प्रशासन इस बात को लेकर बेहद गंभीर है कि दिव्यांग और विशेष रूप से सक्षम मतदाताओं को पंजीकरण के दौरान किसी भी तरह की कागजी या तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन की यह कोशिश लोकतंत्र के इस सबसे बड़े उत्सव में हर नागरिक की बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित कर रही है।

