डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सोशल मीडिया पर वाहवाही बटोरने और वायरल रील्स बनाने का क्रेज अब किशोरों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है। गिरिडीह जिले के गांडेय थाना क्षेत्र स्थित मेढ़ो पुल के पास जयंती नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म के लिए रील शूट करने गए तीन बच्चों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
कैसे हुआ यह हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम गांडेय बाजार के आसपास रहने वाले पांच बच्चे घूमने और नहाने के नाम पर घर से निकले थे। वे मेढ़ो पुल के पास जयंती नदी के मुहाने पर पहुंचे। नदी में उतरने के बाद बच्चे वीडियो और रील बनाने लगे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे नदी के तेज बहाव और गहरे हिस्से में चले गए। देखते ही देखते तीन बच्चे पानी में डूबने लगे। उनके साथ मौजूद अन्य दो बच्चे डर के मारे मौके से भाग निकले और घर जाकर परिजनों को इसकी जानकारी दी।
मृतकों की पहचान
अंश कुमार (15 वर्ष, पिता – अनूप गुप्ता, निवासी – चौधरी टोला, गांडेय)
श्रीयांश कुमार (12 वर्ष, पिता – कैलाश राम, निवासी – गांडेय)
आदित्य वर्णवाल (14 वर्ष, पिता – बिक्की वर्णवाल, निवासी – चास, बोकारो)
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर कमलेश पासवान और सीओ ओमप्रकाश बड़ाइक पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। नदी किनारे बच्चों के कपड़े और साइकिलें मिलने से उनके डूबने की पुष्टि हो गई।
अंधेरा होने और पानी अधिक गहरा होने के कारण स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू करना मुश्किल हो गया। इसके बाद बेंगाबाद के भोजडीहा से जिला रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। गोताखोरों की टीम ने कड़े संघर्ष के बाद नदी की गहराई से तीनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का बेहिसाब इस्तेमाल कितना खतरनाक साबित हो सकता है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।

