डिजिटल डेस्क | जमशेदपुर:जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हुए सनसनीखेज 33 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक डकैती मामले में अब एक बड़ा और नया मोड़ आया है। चतरा पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया है, जिन्हें पूछताछ के बाद जमशेदपुर पुलिस को सौंप दिया गया है।
मात्र 24 मिनट में दिया था दुस्साहसिक वारदात को अंजाम
यह हैरान कर देने वाली घटना 24 सितंबर की सुबह की है, जब मूसलाधार बारिश का फायदा उठाते हुए हथियारबंद अपराधी गोलमुरी केनरा बैंक में घुसे थे।अपराधियों ने रेनकोट पहन रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके। बैंक के भीतर दाखिल होने के बाद बदमाशों ने हथियारों के बल पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया और महज 24 मिनट के भीतर ही बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम व सेफ में रखे लगभग 23 किलोग्राम सोने के आभूषण (कीमत करीब 33 करोड़ रुपये) और 42 लाख रुपये नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बाइकों पर सवार होकर अपराधी फरार हो गए थे।
ऐसे खुला राज और चतरा पुलिस की एंट्री
चतरा पुलिस की इस कार्रवाई को इस हाई-प्रोफाइल केस में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पकड़े गए संदिग्धों में से दो आरोपी इस डकैती के मुख्य सरगना के लगातार संपर्क में बताए जा रहे हैं। चतरा पुलिस ने जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो इस सनसनीखेज वारदात से जुड़े कई अहम सुराग और राज सामने आए। इसके बाद चतरा पुलिस ने तुरंत इसकी जानकारी जमशेदपुर पुलिस को दी और चारों संदिग्धों को उनके हवाले कर दिया।
एसआईटी और पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए 20 अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। पुलिस लगातार अपराधियों के संभावित ठिकानों और सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है। हालांकि, शुरुआती दौर में जमशेदपुर पुलिस के अधिकारियों ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने या जानकारी साझा करने से साफ इंकार किया था। अब चतरा पुलिस द्वारा पकड़े गए संदिग्धों से मिलने वाले इनपुट और सुरागों के आधार पर, जमशेदपुर पुलिस इस लूट के पीछे के मास्टरमाइंड और अन्य फरार अपराधियों तक पहुंचने के लिए अपनी जांच का दायरा तेजी से बढ़ा रही है।

