जमशेदपुर से कोलकाता तक हड़कंप! जीएसटी फर्जीवाड़े में ईडी की रेड, करोड़ों के अवैध लेनदेन की जांच

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: ईडी ने बुधवार सुबह झारखंड के जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत यह तलाशी अभियान चलाया है। यह पूरी कार्रवाई लगभग 750 करोड़ रुपये के बड़े जीएसटी घोटाले और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी हुई है।

कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
​ईडी की अलग-अलग टीमों ने अहले सुबह करीब आठ बजे बिष्टुपुर सर्किट हाउस क्षेत्र स्थित आवासीय परिसर और आदित्यपुर व गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लांट में एक साथ धावा बोला। बिष्टुपुर के कॉन्ट्रैक्टर्स एरिया, बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर हथियाडीह स्थित शारदा एंडवर्स फैक्ट्री सहित कई ठिकानों पर सघन तलाशी ली जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जांच के दायरे में आए परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

फर्जी बिलिंग और आईटीसी का अवैध लाभ
​जांच के अनुसार यह मामला जाने-माने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उनके लेखाकार और अन्य संबंधित लोगों से जुड़ा है। आरोप है कि बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी संस्थाओं से फर्जी चालान और इनवॉइस तैयार किए गए। इन फर्जी चालानों के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त किया गया और राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। जांच दल में शामिल अधिकारी वित्तीय लेनदेन, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की गहन पड़ताल कर रहे हैं।

Advertisement

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
​ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 7 अगस्त 2025 को भी उनसे जुड़े विभिन्न परिसरों में एक साथ छापेमारी की गई थी। पूर्व की कार्रवाई कथित जीएसटी घोटाले और फर्जी इनवॉइस के जरिए 55.66 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से जुड़ी थी, जिसमें उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है। उस दौरान मेसर्स जय भोलानाथ कंपनी, मेसर्स मां शारदा एंडेवर, मेसर्स मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विघ्रान स्क्रैप कंपनी जैसी फर्मों के जरिए गलत तरीके से आईटीसी लेने की बात सामने आई थी।
​फिलहाल, कार्रवाई जारी रहने के कारण ईडी की ओर से बरामदगी या जब्ती को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Share This Article