डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : स्वच्छ, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह-उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मतदाता सूची में मौजूद ‘नो मैपिंग’ और तार्किक विसंगतियों को दूर करना रहा।
हर घर दस्तक देंगे बीएलओ, डेटा किया गया साझा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अशुद्धि या तकनीकी खामी को दुरुस्त करने के लिए बूथ लेवल अधिकारी अब सीधे मतदाताओं के घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। बैठक के दौरान सभी राजनीतिक दलों के साथ बूथ-वार डेटा साझा किया गया, ताकि वे भी अपने स्तर से इस प्रक्रिया की समीक्षा कर सकें और पात्र नागरिकों को जागरूक करने में मदद कर सकें।
क्यों आ रही है दिक्कतें और क्या है समाधान?
हाल ही में एसआईआर के दौरान कई मतदाताओं को विसंगतियों या नो-मैपिंग के कारण नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से कई लोगों ने ईआरओ स्तर पर सुनवाई के दौरान अपने दस्तावेज जमा करा दिए हैं। हालांकि, कुछ ऐसे मतदाता भी हैं जो वर्ष 2024 की सूची में शामिल थे और जिन्होंने फॉर्म भी भरा, लेकिन किसी वजह से नोटिस की सुनवाई में नहीं पहुंच सके। ऐसे छूटे हुए मतदाताओं को राहत देने के लिए विशेष कैंप और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ईआरओ और संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे और नियमों के तहत उचित निर्णय लेंगे।
इन वर्गों पर रहेगा खास फोकस
प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में समाज का कोई भी अंतिम व्यक्ति पीछे न छूटे। इसके लिए विशेष श्रेणियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG)
दिव्यांगजन और वृद्ध मतदाता
वे मतदाता जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं
राजनीतिक दलों से सक्रिय सहभागिता की अपील
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें सही प्रक्रिया की जानकारी देने में सहयोग करें, ताकि एसआईआर-2026 के तहत एक ऐसा वोटर लिस्ट तैयार किया जा सके जो पूरी तरह से अद्यतन और त्रुटिरहित हो।

