डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : हर महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के जीवन और जेब पर सीधा असर डालने वाले कई नए नियम लागू हो जाते हैं। इस बार 1 अक्टूबर से देश में वित्त, बैंकिंग, तकनीक और यातायात से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस महीने आपके लिए क्या-क्या बदला है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
एलपीजी सब्सिडी और बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन
घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू हो रहा है। अगर आप सब्सिडी पर एलपीजी सिलेंडर लेते हैं, तो आपको अब बायोमीट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अगर कोई ग्राहक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उनका गैस कनेक्शन बंद नहीं होगा और सिलेंडर की डिलीवरी मिलती रहेगी, लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा और बाजार मूल्य पर ही रिफिल बुक करनी होगी। यह ऑथेंटिकेशन ओएमसी के मोबाइल ऐप, डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम या डिलीवरी के समय पूरा किया जा सकता है।
यूपीआई और मर्चेंट ट्रांजैक्शन
लेनदेन को लेकर नया यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क लागू किया जा रहा है, जो ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रभावी होगा। राहत की बात यह है कि ग्राहकों से किसी तरह का एमडीआर शुल्क नहीं काटा जाएगा और व्यक्ति-से-व्यक्ति यूपीआई लेनदेन पूरी तरह से निशुल्क रहेंगे।
एसबीआई के एटीएम और कैश विड्रॉल नियम
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों के लिए नियमों में बदलाव किया है।
सैलरी पैकेज अकाउंट: सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम पर मुफ्त मासिक ट्रांजैक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। इसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल होंगे।
बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स : महीने में केवल 4 बार कैश निकालना मुफ्त रहेगा, जिसके बाद हर बार कैश निकासी पर 15 रुपये और उस पर लागू जीएसटी का शुल्क देना होगा।
फिक्सड डिपॉजिट और ब्याज दरों में पारदर्शिता
भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के तहत अब सभी बैंकों को एक ही तारीख पर जमा की गई समान राशि के लिए सभी शाखाओं और ग्राहकों को एक जैसी ब्याज दरें देनी होंगी। इसके अलावा, सभी स्मॉल फाइनेंस बैंकों को रोजाना सुबह 10:00 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एफडी की ब्याज दरों की सूची अपडेट करनी होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रॉपर्टी खरीदारों और टीडीएस नियमों में राहत
अगर आप किसी नॉन-रेजिडेंट से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो रेजिडेंट व्यक्तियों और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली को अब अलग से TAN लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे केवल अपने पैन कार्ड का उपयोग करके टीडीएस काट सकेंगे और उसकी रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
होम अप्लायंसेज होंगे महंगे
त्योहारों के सीजन में एलईडी टीवी, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरण बनाने वाली बड़ी कंपनियों ने लागत बढ़ने (तांबा, स्टील और कच्चे तेल के महंगे होने) और पश्चिमी एशिया के तनाव के कारण मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कीमतों में 5% से 8% तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है।
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के नए नियम
सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों को सख्त कर दिया है। घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना पूरी तरह से नि:शुल्क और सामान्य माना जाएगा, जिस पर आसानी से प्रमाण पत्र मिल जाएगा। 21 दिन से अधिक की देरी होने पर लेट फीस और शपथ पत्र देना होगा, जबकि 1 से 2 साल के भीतर पंजीकरण के लिए सक्षम कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी।

