डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड में पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे दबाव, झूठे मुकदमों और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर पत्रकार संगठन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। चांडिल के पुराने आइबी परिसर में आयोजित झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के जिला सम्मेलन में यह हुंकार भरी गई कि अगर जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं किया गया, तो आने वाले दिसंबर महीने में राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रजत कुमार गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में स्वतंत्र पत्रकारिता करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को आए दिन धमकियों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार से इस कानून की मांग को मनवाने के लिए अब बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
झूठे मुकदमों और एकता पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश महासचिव सतीश शाहदेव ने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों को उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के कारण जानबूझकर झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। ऐसी दमनकारी नीतियों के खिलाफ सभी पत्रकारों को वैचारिक मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। वहीं, प्रदेश संगठन मंत्री शिव कुमार अग्रवाल ने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की शक्ति उनकी एकता में ही निहित है, और जब तक आवाज बुलंद नहीं होगी, तब तक हक मिलना मुश्किल है।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर और अतिथियों को अंगवस्त्र सम्मानित कर किया गया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, कयूम खान, प्रदेश सचिव रमेश सिंह, जावेद अख्तर, विनय राज, कार्यकारिणी सदस्य कौसर अली, सुधीर गोराई, दिलीप कुमार, मुबीन अख्तर, श्रीकांत महतो, संजय शर्मा, संजय गोराई, दिकपाल कुमार, बेनुधर महतो, कमलेश महतो, फूलचंद पारित, सागर गोप, दीनबंधु पांडा, कामदेव कुमार और दिनेश मुदी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

