हार्ट अटैक अचानक होने वाली बीमारी नहीं है, कई मामलों में इसके जोखिम का पहले से पता लगाया जा सकता है। कार्डियोलॉजिस्ट साकेत गोयल के मुताबिक, लिपोप्रोटीन ए (Lipoprotein A) का ब्लड टेस्ट हार्ट अटैक के खतरे का आकलन करने में मदद कर सकता है। खासकर परिवार में हार्ट अटैक का इतिहास होने पर यह जांच उपयोगी हो सकती है।
जेनेटिक फैक्टर से जुड़ा है टेस्ट
डॉक्टर के अनुसार लिपोप्रोटीन ए एक मजबूत जेनेटिक फैक्टर है। इसकी जांच साधारण ब्लड टेस्ट से होती है और इसे बार-बार कराने की जरूरत नहीं होती। यह माता-पिता से मिलने वाले हार्ट डिजीज के जोखिम का संकेत दे सकता है।
लिपोप्रोटीन ए और ApoA अलग
लिपोप्रोटीन ए की जांच को एपोलिपोप्रोटीन ए (ApoA) से अलग समझना जरूरी है। लिपिड प्रोफाइल में कई बार ApoA और ApoB की जांच भी होती है, लेकिन हार्ट अटैक के जोखिम के लिए यहां लिपोप्रोटीन ए की जांच की बात की गई है।
50 mg/dl से ऊपर स्तर माना जाता है हाई
बताए गए मानकों के अनुसार 30 mg/dl तक लिपोप्रोटीन ए सामान्य, 30 से 50 mg/dl बॉर्डरलाइन और 50 mg/dl से ऊपर हाई माना जाता है। स्तर बढ़ा होने पर हार्ट डिजीज के जोखिम को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
लाइफस्टाइल और LDL पर दें ध्यान
लिपोप्रोटीन ए बढ़ा होने पर स्वस्थ खान-पान, नियमित एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। डॉक्टर ने LDL कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखने पर जोर दिया है। किसी भी डाइट या फिटनेस बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

