बुरूडीह डैम से तेंतुलडुंगरी तक… अब और हसीन होंगी झारखंड की वादियां

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जिले में पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने और सैलानियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने तेज कदम बढ़ाए हैं। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिससे आने वाले दिनों में कोल्हान क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र पर नए आयाम जुड़ेंगे।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी रूपरेखा
​बैठक में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी और पोटका के विधायक संजीव सरदार के अलावा सांसद व अन्य विधायकों के प्रतिनिधि और जिला स्तर के तमाम आला अधिकारी शामिल रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना था।

इन प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प
​तेंतुलडुंगरी पर्यटन स्थल: श्रेणी-डी के तहत सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व में की गई अनुशंसा पर मुहर लग गई है। विभागीय प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही इस पर धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
​बुरूडीह डैम: डैम के सौंदर्यीकरण, जलाशय में नौका परिचालन (बोटिंग) और होटल निर्माण के साथ पर्यटकों की सुविधा के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर विभाग को दोबारा भेजने का निर्णय लिया गया है।
​धर्मबहाल क्लस्टर और चेंगजोड़ा हेरिटेज विलेज: घाटशिला प्रखंड के इन सांस्कृतिक और पारंपरिक स्थलों के लिए आवश्यक सामग्रियों के क्रय संबंधी सूची को परिषद से हरी झंडी मिल गई है।
​कंपनी बड़ा तालाब और पांच पाण्डव शिला: मुसाबनी स्थित कंपनी बड़ा तालाब और घाटशिला के पांच पाण्डव शिला में सैलानियों के बैठने के लिए गजीबो, आधुनिक शौचालय और अन्य यात्री सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हो गया है।
​फुलडुंगरी और छोटाबांकी डैम: फुलडुंगरी के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ छोटाबांकी डैम के पहुंच पथ के चौड़ीकरण और ठहरने की पुख्ता व्यवस्था विकसित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।

स्थानीय युवाओं के लिए ‘पर्यटन मित्र’ पहल और व्यापक प्रचार-प्रसार
​पर्यटन स्थलों के बेहतर प्रबंधन, रख-रखाव और साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों को ‘पर्यटन मित्र’ के रूप में चिन्हित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक स्थानीय समिति का भी गठन किया जाएगा, जिससे न केवल पर्यटन स्थलों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित होगा, बल्कि ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा जिले की प्राकृतिक छटा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना है। इसके तहत एडवेंचर कैंप, कल्चरल फूड फेस्टिवल, और पर्यटन दिवस पर विशेष आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। इन आयोजनों में पेंटिंग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं को भी जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक सैलानी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो सकें।

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