​कोलकाता पूजा पंडाल भगदड़: 19 मौतें, 7 गिरफ्तार और वीआईपी दर्शन पर हमेशा के लिए रोक

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया :पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई दर्दनाक भगदड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष के अलावा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के दो अधिकारी भी शामिल हैं। प्रशासन ने इस मामले में आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में भीड़ प्रबंधन में भारी लापरवाही और पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की गैर-मौजूदगी सामने आई है। इस दुखद हादसे में अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 25 घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी है।

असुरक्षित प्रबंधन और माइक पर फैली अफवाह से मची दहशत
​पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक चोरबागान पूजा पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार बेहद संकरे थे, जिससे भारी भीड़ के दबाव को संभालना मुश्किल हो गया। इसी बीच, शनिवार शाम तेज बारिश के दौरान अचानक पंडाल में लगे लाउडस्पीकर से घोषणा हुई कि पंडाल की हालत खराब है और यह गिर सकता है, सभी लोग तुरंत बाहर निकलें। ​इस अनाउंसमेंट के बाद पंडाल में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। संकरे रास्तों पर एक साथ भारी भीड़ के उमड़ने से कई लोग नीचे गिर गए और कुचले गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर वह भ्रामक घोषणा किसने और किन परिस्थितियों में की थी।

प्रशासन सख्त: निषेधाज्ञा लागू और वीआईपी लाइन खत्म
​हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने चोरबागान और उसके आसपास के इलाकों (जैसे सेंट्रल एवेन्यू, कॉलेज स्ट्रीट और कोलूटोला) में अगले तीन दिनों के लिए निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, इस हादसे से कड़ा सबक लेते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब कोलकाता के किसी भी प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल में वीआईपी प्रवेश व्यवस्था नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब आम और खास सभी श्रद्धालुओं को एक ही सामान्य कतार से दर्शन के लिए प्रवेश करना होगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने लिया जायजा, घायलों से की मुलाकात
​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता पहुंचकर चोरबागान स्थित घटनास्थल का मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने अपोलो अस्पताल जाकर इस हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। हादसे के चलते गृह मंत्री ने अपने अन्य निर्धारित कार्यक्रम जैसे बेलूर मठ और अन्य पूजा पंडालों के दौरे रद्द कर दिए।

सुरक्षा की समीक्षा के लिए विशेष तथ्य-जांच टीम गठित
​दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष तथ्य-जांच समिति का गठन किया है। यह टीम शहर के अन्य बड़े और लोकप्रिय पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम, निकास मार्गों और संरचनात्मक मजबूती की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट गृह सचिव को सौंपेगी, जिसके आधार पर भविष्य के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।

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