बाघमारा लोक अदालत से न्याय की राह आसान, ग्रामीणों को मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद

Reena Sharma
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धनबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सह जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा के निर्देश और प्राधिकरण के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनो के आदेश पर बाघमारा प्रखंड परिसर में चलंत लोक अदालत एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, मुफ्त सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को दी कानूनी सहायता की जानकारी

कार्यक्रम में एलएडीसी की सहायक मुस्कान चोपड़ा, बाघमारा बीडीओ लक्ष्मण यादव और अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कू उपस्थित रहे। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। प्रखंड के नाजीर उपेंद्र टुडू और विधिक अधिकार मित्र राजू कुमार साव, रणधीर भारती व विवेकानंद मिश्रा ने भी सहभागिता निभाई।

नुक्कड़ नाटक से समझाए कानूनी अधिकार

शिविर में नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को डीएलएसए के कार्यों और मुफ्त कानूनी सलाह के बारे में जागरूक किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी देते हुए बताया गया कि जरूरतमंद इस नंबर पर कॉल कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

जमीन, बैंक लोन और अन्य विवादों पर मिली जानकारी

ग्रामीणों को निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा, बिजली विवाद, बैंक लोन, मारपीट, जमीन और फौजदारी मामलों के साथ दिव्यांग प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी दी गई। लोक अदालत और नेशनल लोक अदालत की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया, ताकि लोग अपने मामलों के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों का लाभ उठा सकें।

महिला और बच्चों से जुड़ी योजनाओं पर जागरूकता

शिविर में स्पॉन्सरशिप योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता, नशा निषेध और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर जागरूक किया गया।

ग्रामीणों को बताया गया कि अदालत से नोटिस मिलने पर घबराने के बजाय उचित मार्गदर्शन लें। घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद से पीड़ित लोग प्रखंड स्तर पर आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

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