चक्रवात ‘अर्नब’ का तांडव: झारखंड के कई जिलों में एनडीआरएफ तैनात, लोगों के लिए खास चेतावनी जारी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : झारखंड में संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। एहतियात के तौर पर जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, रांची और बोकारो समेत कई संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती कर दी गई है।

चार जोनों में बंटा झारखंड, दक्षिण क्षेत्र पर खास फोकस
​प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने और राहत-बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देने के लिए पूरे राज्य को चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया है:
​दक्षिण झारखंड (मुख्य फोकस): पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां।
​मध्य झारखंड: रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद।
​उत्तर-पश्चिमी झारखंड: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार।
​उत्तर-पूर्वी झारखंड: देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज।
​निर्देश के मुताबिक, 28 से 30 अक्टूबर तक एनडीआरएफ की टीमों को उनके निर्धारित क्षेत्रों में तैनात रहने और मुख्यालय स्तर पर एक टीम को पूरी तरह रिजर्व रखने को कहा गया है।
​प्रशासन की अपील: तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का अनुमान
​मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, उफनते नदी-नालों से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।​

साइक्लोन अलर्ट: आम जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन्स
​चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने कुछ अहम ‘क्या करें और क्या न करें’ दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है।
​जरूर करें (क्या सावधानियां बरतें)
​घर के अंदर रहें: चक्रवात के दौरान बेवजह घर से बाहर न निकलें। सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में ही रहें।
​बिजली और गैस बंद रखें: सुरक्षा की दृष्टि से घर की मुख्य बिजली आपूर्ति और गैस कनेक्शन को बंद कर दें।
​खिड़कियों से दूर रहें: कांच की खिड़कियों और दरवाजों से सुरक्षित दूरी पर रहें। कांच टूटने से बचाव के लिए उन पर कागज की पट्टियां चिपकाई जा सकती हैं।
​इमरजेंसी किट तैयार रखें: टॉर्च, केरोसिन लालटेन, माचिस, मोमबत्ती, फर्स्ट-एड बॉक्स औरपोर्टेबल रेडियो को हमेशा अपने पास रखें।
​सुरक्षित ठिकानों पर जाएं: अगर प्रशासन द्वारा घर खाली करने या शेल्टर होम जाने की सलाह दी जाए, तो बिना देर किए सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

बिल्कुल न करें
​नदी के पास न जाएं: चक्रवात की चेतावनी के दौरान उफनती नदियों या जल स्रोतों के पास जाने से बचें।
​अफ़वाहों पर भरोसा न करें: सोशल मीडिया पर फैल रही बिना सत्यापित खबरों पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
​बिना अनुमति घर न लौटें: जब तक प्रशासन की ओर से सुरक्षित वापसी की आधिकारिक घोषणा न हो जाए, तब तक राहत शिविरों को न छोड़ें।

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