टाटा स्टील में लगभग 2800 कर्मचारियों की जनरल शिफ्ट ड्यूटी का समय रविवार एक नवंबर से बदलकर सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जा रहा है। इसके तहत पहले अलग-अलग समय पर संचालित होने वाली पांच जनरल शिफ्ट को समायोजित कर एक समान समय-सारिणी लागू की जा रही है। नई व्यवस्था लागू करने से पहले 15 अक्टूबर से ट्रायल भी चल रहा है। हालांकि, ट्रायल के दौरान कर्मचारियों को गेट पर होने वाली परेशानी से फिलहाल राहत नहीं मिल सकी है।
पांच अलग-अलग शिफ्ट की जगह अब एक समय पर होगी ड्यूटी
टाटा स्टील में अब तक जनरल शिफ्ट के कर्मचारियों के लिए पांच अलग-अलग समय निर्धारित थे। इनमें सुबह 7 से शाम 4 बजे, सुबह 7:30 से शाम 4:30 बजे, सुबह 8 से शाम 5 बजे, सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे और सुबह 9 से शाम 6 बजे तक की ड्यूटी शामिल थी। अलग-अलग समय पर कर्मचारियों के आने-जाने के कारण कंपनी परिसर में भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहती थी।
इसका असर उत्पादन और लॉजिस्टिक्स की प्रक्रिया पर पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से प्रबंधन ने सभी जनरल शिफ्ट को एक समय पर संचालित करने का निर्णय लिया है।
प्रबंधन और यूनियन के बीच गेट व्यवस्था पर हुई थी चर्चा
नई व्यवस्था को लेकर प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुई बातचीत में कर्मचारियों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी को कंपनी के चीफ एचआरबीपी यशवंत पांडेय की ओर से आश्वस्त किया गया था कि इंटीग्रेटेड गेट पर कर्मचारियों को गेट पास दिखाकर एक-एक कर प्रवेश करने की परेशानी नहीं होगी। ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे कर्मचारियों की आवाजाही सुचारू रहे और गेट पर भीड़ अथवा जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
15 अक्टूबर से ट्रायल के बावजूद प्रवेश व्यवस्था में बदलाव नहीं
हालांकि, 15 अक्टूबर से शुरू हुए ट्रायल के दौरान अब तक प्रवेश व्यवस्था में अपेक्षित बदलाव देखने को नहीं मिला है। कर्मचारी पहले की तरह कंपनी के मेन गेट स्थित इंटीग्रेटेड गेट पर अपना गेट पास दिखाकर ही प्रवेश कर रहे हैं।
ऐसे में कर्मचारियों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि जब नई शिफ्ट व्यवस्था लागू होने के बाद सभी कर्मचारी लगभग एक ही समय पर कंपनी पहुंचेंगे, तो गेट पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन की ओर से क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
एक नवंबर से नई व्यवस्था पर कर्मचारियों की निगाहें
अब कर्मचारियों की निगाहें एक नवंबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था पर टिकी हैं। शिफ्ट के समय में बदलाव के साथ यदि प्रवेश और निकास की व्यवस्था भी सुचारू नहीं की गई, तो गेट पर भीड़ की समस्या बनी रह सकती है।

